अन्तरराष्ट्रीय कैंसर शोध एजेंसी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से एक नए अध्ययन का निष्कर्ष साझा किया गया है। इसके अनुसार, विश्व भर में कैंसर के 40 फ़ीसदी मामलों में रोकथाम की जा सकती है, और इसके लिए यह ज़रूरी है कि तम्बाकू नियंत्रण समेत इस बीमारी के जोखिम में कमी लाने वाले ठोस उपायों को अपनाया जाए, ताकि लोगों के जीवन को बचाया जा सके।

आज यानी 4 फ़रवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। आईएआरसी और यूएन स्वास्थ्य एजेंसी का यह अध्ययन, विश्व कैंसर दिवस से ठीक पहले जारी किया गया है। मंगलवार को प्रकाशित इस अध्ययन में, कैंसर की वजह बनने वाले 30 कारणों की पड़ताल की गई है, जिनमें तम्बाकू, ऐल्कॉहॉल, शारीरिक निष्क्रियता, वायु प्रदूषण, पराबैंगनी विकिरण (ultraviolet radiation), शरीर का अधिक वज़न होना शामिल हैं।
अध्ययन में कैंसर के लिए ज़िम्मेदार 9 संक्रमणों पर भी पहली बार ध्यान केन्द्रित किया गया है, जिनमें ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) है। यह सर्वाइकल कैंसर का कारण है। विश्व भर में कैंसर बड़ी संख्या में मौतों की एक बड़ी वजह है। वर्ष 2020 में इस बीमारी से लगभग एक करोड़ लोगों की जान गई थी। इस आंकड़े के मुताबिक़ हर छह में से एक मौत का कारण कैंसर है।
एक अनुमान के अनुसार, यदि मौजूदा रुझान जारी रहे तो वर्ष 2040 तक कैंसर के नए मामलों में 50 फ़ीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। इसे रोकने के लिए कारगर रोकथाम रणनीति अपनाई जानी ज़रूरी है। गौरतलब है कि कैंसर के सबसे आम प्रकारों में स्तन, फेफड़े, बड़ी आंत, मलाशय और प्रोस्टेट कैंसर हैं।
इस अध्ययन में 185 देशों से प्राप्त डेटा और कैंसर के 36 प्रकारों का अध्ययन किया गया है। इसके अनुसार, वर्ष 2022 में, कैंसर के नए मामलों में, लगभग 37 फ़ीसदी, यानि 71 लाख मामलों में रोकथाम की जा सकती थी।
एक बड़ा कारण है तम्बाकू
कैंसर का एक मुख्य कारण तम्बाकू का सेवन है, जिसकी रोकथाम की जा सकती है। कैंसर के नए मामलों में यह 15 प्रतिशत के लिए ज़िम्मेदार है, जिसके बाद संक्रमण (10 प्रतिशत) और ऐल्कॉहॉल सेवन (3 प्रतिशत) आता है।
महिलाओं और पुरुषों में जिन कैंसर मामलों की रोकथाम की जा सकती है, उनमें लगभग 50 फ़ीसदी फेफड़े, पेट और सर्वाइकल कैंसर के मामले हैं। फेफड़ों के कैंसर के लिए मुख्य रूप से धूम्रपान और वायु प्रदूषण को ज़िम्मेदार माना जाता है, वहीं पेट के कैंसर का एक बड़ा कारण Helicobacter pylori नामक संक्रमण है। सर्वाइकल कैंसर, अधिकाँशतया एचपीवी संक्रमण की वजह से होता है।
महिलाओं की तुलना में, पुरुषों में कैंसर के वो मामले अधिक नज़र आते हैं, जिनकी रोकथाम की जा सकती है। कैंसर के कुल नए मामलों में, 45 प्रतिशत पुरुषों में दर्ज किए जाते हैं, जबकि महिलाओं में यह आँकड़ी 30 फ़ीसदी है।
