साल 2026-27 का केंद्रीय बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रस्तुत करेंगी। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जटिलताएँ बढ़ गई हैं। वहीँ घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और महंगाई हाल के उच्चतम स्तर से कम हुई है। यह बजट उस इस वजह से भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्यूंकि इस समय वैश्विक माहौल बहुत अनिश्चित बना हुआ है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे 2026-27 का बजट पेश करेंगी। आज के बजट को एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। दरअसल आजाद भारत के इतिहास में पहली बार इसे रविवार को पेश किया जा रहा है। आज इतवार को बजट के कारण शेयर बाजार खुला रहेगा। वित्तमंत्री का यह लगातार नौवां बजट होगा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी।
वही आज का बजट, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 2024 में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद दूसरा पूर्ण बजट भी है। वैश्विक माहौल बहुत अनिश्चित बना हुआ है। भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा असमान मौद्रिक ढील और बढ़ते व्यापार विखंडन से भविष्य की संभावनाओं पर दबाव बना हुआ है।
आजाद भारत के इतिहास में पहली बार बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। आज शेयर बाजार खुला रहेगा। यूनियन बजट की वजह से पहली फरवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE एक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के लिए खुले रहेंगे।
जिओ पॉलिटिक्स इस बजट को और भी चुनौतीपूर्ण बना देती है। जहाँ एक तरफ अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर लगाया गया 50 प्रतिशत का दंडात्मक टैरिफ वित्तीय बाजारों को अस्थिर कर रहा है वहीँ ईरान और अमरीका का एक दूसरे के मुक़ाबले में आना अस्थिरता का माहौल बनाए है।
आज के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस दल के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि इस आम बजट में मोदी सरकार ‘विरासत’ का बहाना नहीं बना सकती, क्योंकि वह पिछले 12 वर्षों से सत्ता में है। उनकी अपनी विरासत ने अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संकट में धकेल दिया है।
वहीँ आर्थिक जानकारों का मानना है कि बजट में इनकम टैक्स से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। यह भी माना जा रहा है कि पति-पत्नी को जॉइंट टैक्स फाइलिंग का विकल्प मिल सकता है। इससे इनकम टैक्स में राहत मिलेगी। साथ ही घर की कुल इनकम पर भी अलग-अलग टैक्स स्लैब लागू हो सकते हैं। सरचार्ज में भी बदलाव की उम्मीद है।













