नेतन्याहू ने गाजा पर कब्जा करने की योजना बनाई है, जिसे बीते रोज कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। ऐसे में कई देश इस फैसले के खिलाफ आए हैं और इजरायल का विरोध किया है।

गाज़ा पर कब्ज़ा करने की इज़राइली योजना की पाँच देशों के विदेश मंत्रियों ने निंदा की है। ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली, न्यूज़ीलैंड और यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। गाज़ा की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई
इन पाँचों देशों ने गाज़ा में एक और बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने के इज़राइल के फ़ैसले को अस्वीकार करते हुए कहा कि वे द्वि-राष्ट्र समाधान लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता में एकजुट हैं। इन मंत्रियों ने एक साझा बयान में कहा है कि इजरायल सरकार की ऐलान की गई योजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन कर सकती हैं।
संयुक्त बयान में इज़राइल से अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठनों के लिए पंजीकरण प्रणाली में संशोधन के लिए तत्काल समाधान खोजने का आह्वान किया गया। दूसरी ओर, गाज़ा की स्थिति पर आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई।
अरब मीडिया के अनुसार, संयुक्त राज्य अमरीका को छोड़कर, सुरक्षा परिषद के 15 में से 14 सदस्य देशों ने बैठक बुलाने का समर्थन किया। संयुक्त राज्य अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का विरोध किया।
गौरतलब है कि इज़राइली कैबिनेट द्वारा गाज़ा पर पूर्ण कब्ज़ा करने के फ़ैसले के बाद शुक्रवार को पूरे दिन गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार जारी रहा। बताते चलें कि इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने गाज़ा पर नियंत्रण करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
यह मंज़ूरी पहले से तबाह फिलिस्तीनी इलाके में सैन्य कार्रवाई को और तेज कर देगी। इजरायल का दावा है कि उसने 75 फीसद गाजा पर कब्जा कर लिया है और अभी बाकि हिस्से पर कब्जा करने की योजना है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, इजरायली बमबारी में 36 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें 11 वे थे जो सहायता का इंतजार कर रहे थे।















