जन्मसिद्ध अधिकार मामले में ट्रंप को पहला झटका, आदेश अस्थायी रूप से स्थगित

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहला झटका देते हुए एक संघीय न्यायाधीश ने नागरिकता के जन्मसिद्ध अधिकार को रद्द करने वाले राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

जन्मसिद्ध अधिकार मामले में ट्रंप को पहला झटका, आदेश अस्थायी रूप से स्थगित

एरिजोना, इलिनोइस, ओरेगन और वाशिंगटन राज्यों द्वारा इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अदालत के समक्ष लाया गया था। जज ने प्रशासन के वकील से 25 मिनट की सुनवाई के दौरान सवाल किया कि जब ट्रंप की टीम राष्ट्रपति पद के आदेश का मसौदा तैयार कर रही थी, तब वकील कहां थे।

जज ने कहा कि इस आदेश की संवैधानिकता के बारे में अधिवक्ता का दावा हैरान करने वाला है। चौदहवें संशोधन के तहत, संयुक्त राज्य अमरीका में जन्म लेने वाला लगभग हर बच्चा स्वतः ही नागरिकता का हकदार है।


अमरीका उन लगभग 30 देशों में से एक है, जहां जन्मसिद्ध नागरिकता का सिद्धांत लागू होता है। कनाडा और मैक्सिको भी इनमें शामिल हैं। 


बताते चलें कि यह मामला उन पांच मुकदमों में से एक है, जिन्हे 22 राज्यों सहित कई अप्रवासी अधिकार समूहों द्वारा दर्ज किया गया है। इनमें अटॉर्नी जनरल की गवाही भी शामिल है, जो जन्मसिद्ध अधिकार से अमरीकी नागरिक हैं, साथ ही उन गर्भवती महिलाओं के नाम भी इनमे हैं जिन्हें डर है कि उनके बच्चे अमरीकी नागरिक नहीं बन सकेंगे।

न्यायाधीश ने राष्ट्रपति ट्रंप के कदम को पूरी तरह असंवैधानिक घोषित कर दिया तथा आगे की कार्रवाई होने तक राष्ट्रपति के आदेश को 14 दिनों के लिए निलंबित कर दिया।

बताते चलें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण के दिन इस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जो 20 फरवरी से प्रभावी होने वाला था। मुकदमे में कहा गया है कि राष्ट्रपति का यह आदेश अमरीका में जन्मे लाखों लोगों को प्रभावित कर सकता है।

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