ग़ाज़ा में मानवीय संकट की भयावहता पर गहरा दुख प्रकट करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तुरन्त युद्धविराम लागू किए जाने का आग्रह किया है। इसी बीच ईरान के सबसे वरिष्ठ शिया धर्मगुरु ग्रैंड अयातुल्ला नासिर मकारिम शिराजी ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक धार्मिक फतवा जारी किया है।

इन दोनों नेताओं को अल्लाह का दुश्मन बताते हुए उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों से अपील की है कि वे एकजुट होकर इन नेताओं को ईरान पर हमले के लिए पछताने के लिए मजबूर करें। अपने फतवे में मकारिम शिराजी ने कहा कि जो कोई भी ईरान के सर्वोच्च नेता या किसी मरजा को नुकसान पहुंचाने या धमकाने की कोशिश करता है, वह मोहरिब यानी जंग को पसंद करने वाला अपराधी होगा।
दूसरी तरफ ‘विकास के लिए वित्त पोषण पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन’ में शिरकत करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव शनिवार को स्पेन के सेविया शहर के लिए रवाना हुए। उन्होंने न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय में पत्रकारों को सम्बोधित किया। महासचिव गुटेरेस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इसराइल और ईरान के बीच हिंसक टकराव के हालत रहे मगर ऐसे में ग़ाज़ा में फ़लस्तीनियों की पीड़ा को परछाई में धकेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
यूएन प्रमुख ने ग़ाज़ा में इसरायली सैन्य कार्रवाई से भयावह स्तर पर मानवीय संकट उपजने की बात दोहराई और कहा कि लम्बे समय से जारी इस क्रूर संकट के कारण, पहले किसी समय की तुलना में वहाँ आज कहीं अधिक संख्या में लोगों की जान जा रही है।
आगे उन्होंने कहा कि परिवार बार-बार विस्थापित होने के लिए मजबूर हैं और अब वे ग़ाज़ा की कुल भूमि के 20 फ़ीसदी से भी कम स्थान पर सीमित हो गए हैं। महासचिव ने चिन्ता जताई कि आश्रय स्थलों, परिवारों पर बम गिर रहे हैं और लोग केवल अपना और अपने परिवार का पेट भरने की कोशिश में जान गँवा रहे हैं। उनके अनुसार, ईरान व इसराइल के बीच युद्धविराम से आशा बंधी है, जिसकी पहले से कहीं अधिक ज़रूरत है।
वहीँ ईरानी धार्मिक शिया द्वारा जारी फतवे की बात करें तो फतवा इस्लामी कानून की व्याख्या होती है। इसे मरजा की तरफ से जारी किया जाता है। मरजा बारह इमामी शिया मुसलमानों के सबसे ऊंचे धार्मिक पद को कहते हैं।
इजरायल के साथ युद्धविराम पर शक जताते हुए ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मूसवी ने ईरान इज़रायल युद्धविराम पर शंका जताई है। रविवार को सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा- हमें दुश्मन (इजरायल) के साथ अगर फिर से कोई हमला हुआ, तो हम उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
मूसवी ने आगे यह भी कहा कि जब ईरान अमरीका के साथ परमाणु वार्ता में व्यस्त था, तब इजरायल ने उस पर हमल कर दिया और अमरीका ने उसका साथ दिया। इससे पता चलता है ये दोनों देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून का पालन नहीं करते। आगे उन्होंने यह भी कहा कि जंग हमने शुरू नहीं की है, लेकिन हमने हमलावर को अपनी पूरी ताकत से जवाब दिया। इन दोनों अधिकारियों ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर भी बात की।
याद दिला दें कि इजरायल और ईरान के बीच 12 दिन की लड़ाई के बाद 24 जून को सीजफायर का एलान अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। इस लड़ाई में ईरान के 610 और इजराइल के 28 लोग मारे गए।
