राष्ट्र इस बार अपना 77वां गणतंत्र दिवस मन रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले भव्य समारोह के लिए लगभग दस हज़ार विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें इसरो अभियानों से जुड़े उत्कृष्ट वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

इस अवसर पर आमंत्रित अतिथि देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनमें डीप ओशन मिशन, समस्थानिक अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, अटल टिंकरिंग लैब्स के उत्कृष्ट विद्यार्थी, किसान तथा ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रतिभागी शामिल हैं।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, सभी ब्लॉक का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा जाएगा ताकि वीआईपी कल्चर को खत्म किया जा सके। इतना ही नहीं 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट के दौरान भी ब्लॉक का नाम भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम पर ही रखा जाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसका मकसद वीआईपी संस्कृति को खत्म कर आम लोगों को गणतंत्र दिवस से जोड़ना है।
रक्षा सचिव ने यह भी जानकारी दी कि इस बार गणतंत्र दिवस का थीम बंदे मातरम के 150 साल और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत होगी। इस बीच परेड की अवधि पहले की तरह 90 मिनट की रहेगी। कोशिश की गई है कि इस बार दर्शकों को एक नया अनुभव देखने को मिले।
राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले होंगे सम्मानित
रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, खेल, कृषि, विज्ञान, सामाजिक सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालेनागरिक भी इन अतिथियों में शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय से साझा जानकारी में कहा गया है कि आमंत्रित अतिथियों में विश्व एथलेटिक्स पैरा चैंपियनशिप के विजेता, प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, दलहन, तिलहन और मक्का उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान शामिल हैं। साथ ही पीएम स्माइल योजना के अंतर्गत पुनर्वासित ट्रांसजेंडर और भिक्षावृत्ति से मुक्त नागरिक भी आमंत्रित किए गए हैं।
इस अवसर पर वीर गाथा परियोजना के विजेता, केंद्र सरकार की योजनाओं में संतृप्ति प्राप्त पंचायतों के सरपंच, बौद्ध वैश्विक शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय और भारतीय भिक्षु प्रतिनिधिमंडल को भी आमंत्रित किया गया है।
जल जीवन मिशन, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम फसल बीमा योजना के लाभार्थी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के उत्कृष्ट कलाकार, खिलाड़ी, उद्यमी और जनजातीय प्रतिनिधि भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल हैं।
इसके साथ हीयूथ एक्सचेंज प्रोग्राम 2026 के विदेशी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी ओलंपियाड (जूनियर) 2025 के पदक विजेता और बौद्धिक संपदा के उत्कृष्ट धारक भी समारोह में शामिल होंगे।








