मंगलवार को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर कर्मचारियों और शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। यह ज़ोरदार धरना प्रदर्शन अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर किया गया।

प्रदर्शन का आयोजन लखनऊ में स्वर्गीय बी एन सिंह की प्रतिमा स्थल पर किया गया। यहाँ बड़ी संख्या में शिक्षक, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर जमा हुए।
धरने के समय एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन लागू किए जाने तथा रिक्त पदों को भरने और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नियमावली बनाने जैसी मांगों को लेकर नारे लगाए।
इस धरने में 12 सूत्रीय मांग पत्र के ज़रिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों द्वारा की गईं प्रमुख मांगें इस तरह हैं-
- चार लेबर कोड्स को निरस्त किया जाए।
- PFRDA एक्ट रद्द करते हुए पुरानी पेंशन बहाल की जाए, साथ ही ईपीएस-95 पेंशनभोगियों को ओपीएस में सम्मिलित किया जाए।
- प्राथमिक विद्यालयों के विलय का निर्णय वापस लिया जाए।
- सभी आउटसोर्स और संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
- बिजली और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगे।
- नियमित भर्ती से रिक्त पदों को भरा जाए।
- आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी हो और राज्य वेतन आयोग गठित किए जाएं।
- कर्मचारियों और पेंशनरों के 18 माह के डीए-डीआर का भुगतान किया जाए।
- सभी कर्मचारियों, पेंशनरों और संविदा कर्मियों के लिए समग्र कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को रद्द किया जाए।
- संविधान के अनुच्छेद 310 और 311(2) (a), (b), (c) को निरस्त किया जाए
कर्मचारियों और शिक्षकों में गहरे आक्रोश का हवाला देते हुए प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उदासीन है।उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनाई गई नियमावली उन्हें बंधुआ मजदूर बना रही है, जिससे उनमें असुरक्षा की भावना घर कर गई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी ने की। धरना सभा को महासंघ के संरक्षक एस पी सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल, राष्ट्रीय पार्षद निधि, संदीप पांडेय, मंसूर अली, रंजीत कुमार, रामभजन मौर्य, देवेंद्र यादव, सुनील यादव, आकाश मौर्य सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन विनोद चौधरी ने किया।
प्राप्त सूचना से पता चला है कि कई जिलों से भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की किये गए हैं इनमे लखनऊ सहित बलिया, आजमगढ़, झांसी, प्रयागराज, अलीगढ़, गाजीपुर, कानपुर, एटा और सहारनपुर जिलों का नाम शामिल है।














