राजनीतिक पार्टियों के ऑनलाइन वित्तीय ब्योरा के लिए चुनाव आयोग ने शुरू किया पोर्टल

जो राजनीतिक पार्टियां अपने वित्तीय विवरण का ब्योरा नहीं पेश करेंगी, उन्हें इसका लिखित में कारण बताना होगा। साथ ही सीडी और पैन ड्राइव के साथ तय फॉर्मेट में रिपोर्ट फाइल करनी होगी।

राजनीतिक पार्टियों के ऑनलाइन वित्तीय ब्योरा के लिए चुनाव आयोग ने शुरू किया पोर्टल

सभी राजनीतिक पार्टियों के अपने वित्तीय विवरण की जानकारी के लिए चुनाव आयोग ने आज एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। राजनीतिक पार्टियां इस प्लेटफार्म पर चुनाव में होने वाले खर्च और पार्टी को प्राप्त आर्थिक योगदान की भी जानकारी साझा करेंगी।

चुनाव आयोग ने इस ऑनलाइन पोर्टल की बदौलत देश में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। इस पोर्टल पर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पिछले एक वर्ष से काम कर रहे थे।

इस पोर्टल पर जो राजनीतिक पार्टियां अपने वित्तीय विवरण का ब्योरा नहीं पेश करेंगी, उन्हें इस बारे में लिखित कारण बताना होगा। इसके अलावा पार्टियों को सीडी और पैन ड्राइव के साथ तय फॉर्मेट में रिपोर्ट फाइल करनी होगी।

इस पोर्टल के ज़रिये पारदर्शिता के साथ अवैध फंडिंग पर भी फिक्स किया जा सकेगा। पोर्टल चुनाव आयोग की रणनीति के तहत राजनीतिक फंडिंग और खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसी सुविधाएं मुहैया कराता है।

इस बारे में चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को पत्र लिखा है। आयोग सभी रिपोर्ट्स को ऑनलाइन प्रकाशित करेगा। साथ ही ये पोर्टल योगदान रिपोर्ट, ऑडिट वार्षिक रिपोर्ट और चुनाव खर्च का विवरण दर्ज करने की सुविधा भी देता है। गौरतलब है कि जन प्रतिनिधि कानून 1951 के अंतर्गत आयोग समय-समय पर राजनीतिक दलों को वित्तीय विवरण चुनाव आयोग को मुहैया कराना अनिवार्य है।

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