बहुत ज़्यादा नमक खाने से मोटापे का जोखिम ज़्यादा बढ़ सकता है

ज़्यादा सोडियम का सेवन मोटापे के जोखिम को बढ़ाता है, ख़ास तौर पर महिलाओं में, भले ही यह रोज़मर्रा के खाने से ही क्यों न हो।

बहुत ज़्यादा नमक खाने से मोटापे का जोखिम ज़्यादा बढ़ सकता है

उच्च सोडियम का लिया जाना सामान्य और पेट के मोटापे के अधिक जोखिम से जुड़ा हुआ है, जिसका पुरुषों और महिलाओं दोनों में मजबूत संबंध पाया गया है। इन रुझानों के मिलने के बाद फिनिश शोधकर्ता, बैलेंस डाइट के साथ अंतर्निहित जैविक तंत्रों (underlying biological mechanisms) पर और अधिक शोध की वकालत करते हैं।

सोडियम के सेवन और मोटापे के जोखिम के बीच सकारात्मक संबंध का समर्थन करने वाले सबूत बढ़ रहे हैं। शोध के लेखक बताते हैं कि आम धारणा के विपरीत, उच्च सोडियम सेवन मुख्य रूप से अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के कारण नहीं होता है, बल्कि साधारण रोज़मर्रा के भोजन के कारण होता है।

स्पेन में होने वाले मोटापे पर यूरोपीय कांग्रेस में प्रस्तुत शोध में आहार में सोडियम के सेवन और सामान्य और पेट के मोटापे के जोखिम के बीच संबंध पर प्रकाश डाला गया है। इस अध्ययन का नेतृत्व फिनलैंड के हेलसिंकी में फ़िनिश इंस्टीट्यूट फ़ॉर हेल्थ एंड वेलफ़ेयर की अन्निका संतालाहती ने अपने सहकर्मियों के साथ किया।

पेट के मोटापे से तात्पर्य पेट और आंतरिक अंगों के आसपास अतिरिक्त वसा के जमाव से है, जिसके परिणामस्वरूप कमर की परिधि बढ़ जाती है। इस प्रकार का मोटापा विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि इसे हृदय रोग के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है।

आम तौर पर मोटापे का आकलन बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का उपयोग करके किया जाता है, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन मोटापे को 30 kg/m² या उससे ज़्यादा BMI के रूप में परिभाषित करता है।

नमक की यह बढ़ी मात्रा 12 ग्राम (पुरुष) या 9 ग्राम (महिला) से अधिक दैनिक नमक (सोडियम क्लोराइड) की मौजूदगी में परिवर्तित होती है।

फ़िनलैंड में अधिकांश सोडियम, प्रोसेस्ड मांस उत्पादों, ब्रेड और डेयरी उत्पादों, विशेष रूप से पनीर से प्राप्त होता है। उच्च सोडियम सेवन को केवल व्यक्तिगत स्तर पर संबोधित नहीं किया जा सकता है. इससे बचने के लिए जनसंख्या स्तर पर भी बदलाव की आवश्यकता है और इसे केवल फ़ूड इंडस्ट्री के सहयोग से ही हासिल किया जा सकता है।

लेखकों ने इस अध्ययन में फ़िनिश वयस्कों में सोडियम सेवन, यूरीन सोडियम सांद्रता और सामान्य तथा पेट के मोटापे के बीच संबंध की जाँच की। उन्होंने नेशनल फ़िनहेल्थ 2017 अध्ययन (पुरुष = 2222, महिला = 2792, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु) से लिए गए जनसंख्या-आधारित डेटा का उपयोग किया।

सोडियम सेवन का अनुमान एक मान्य फ़ूड फ्रीक्वेंसी प्रश्नावली का उपयोग करके लगाया गया था। प्रतिभागियों के एक उप-नमूने से स्पॉट मूत्र के नमूने एकत्र किए गए (पुरुष = 558; महिलाएँ = 702)। सामान्य और पेट के मोटापे को मापने के लिए बॉडी मास इंडेक्स और कमर की परिधि का उपयोग किया गया।

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