वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि इस साल पृथ्वी पर लोगों को कम से कम 3 दिन असामान्य रूप से छोटे बिताए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पृथ्वी का घूर्णन अप्रत्याशित रूप से तेज़ हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पृथ्वी का घूर्णन (Earth’s rotation) आमतौर पर लगभग 86,400 सेकंड या 24 घंटे का होता है, लेकिन इस साल गर्मियों के दौरान, तीन खास दिनों में घड़ी की गति 1.51 मिलीसेकंड कम हो जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय घूर्णन एवं संदर्भ प्रणाली सेवा (International Rotational and Reference System Service) के अनुसार, 9 जुलाई, 22 जुलाई और 5 अगस्त को दिन छोटे होंगे और ये 3 दिन 2020 के बाद दर्ज किए गए सबसे छोटे दिनों में से होंगे।
वैज्ञानिक इन विशेष दिनों के छोटे होने का कारण भूमध्य रेखा से चंद्रमा की दूरी को मान रहे हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जब चंद्रमा भूमध्य रेखा से दूर होता है तो पृथ्वी के घूर्णन की गति प्रभावित होती है, लेकिन विशेषज्ञ अभी तक पृथ्वी के घूर्णन की गति में वृद्धि का सटीक कारण नहीं जान पाए हैं।
इस वर्ष धरती पर तीन दिन ऐसे गुज़रे हैं जब पृथ्वी का सोलर डे 24 घंटे से छोटा रहा। इनमें 9 जुलाई 1.23 मिलीसेकंड कम, 22 जुलाई 1.36 मिलीसेकंड कम और 5 अगस्त को लेकर भी ऐसा ही अनुमान लगाया गया है। हालांकि अब तक का सबसे छोटा दिन 5 जुलाई 2024 दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि 2020 के बाद, सबसे छोटा दिन 2024 में 5 जुलाई को दर्ज किया गया था, जब घड़ी से 1.66 मिलीसेकंड कम हो गए थे।शायद इसे महसूस करना आसान न हो मगर यह सच्चाई है कि समय का घटना एक खगोलीय घटना है जो इस वर्ष में तीन बार बीती। इस साल गर्मियों में पृथ्वी पर दिन असामान्य रूप से छोटे हुए।
पृथ्वी का सौर दिवस का रिकॉर्ड 1973 में शुरू हुआ और इसके बाद से ये धीरे-धीरे बढ़ता गया है। इसका मुख्य कारण चंद्रमा है। जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, तो वह फ्रिक्शन जेनरेटेड करती है, जिससे उसका कक्षीय पथ थोड़ा बाहर की ओर खिसकता है। इस प्रक्रिया में पृथ्वी की रोटेशनल ऊर्जा चंद्रमा में चली जाती है। जिससे पृथ्वी की गति धीमी हो जाती है और दिन लंबे हो जाते हैं।
फिर भी इसके सभी पहलू अभी स्पष्ट नहीं हुए है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर चंद्रमा पृथ्वी की रोटेशनल स्पीड को थोड़ा प्रभावित करता है, तो भी हाल के वर्षों में इसकी तेज़ी बढ़ने की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। 5 अगस्त को पृथ्वी की घूर्णन गति में आए बदलाव आम लोगों को महसूस नहीं होंगे, लेकिन अगर यही रुझान 2029 तक जारी रहा, तो पहली बार एक “निगेटिव लीप सेकंड” जोड़ा जा सकता है।
जानकार यह भी कहते हैं कि इन छोटे होते दिनों की वजह सिर्फ नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में घटती गर्मी नहीं है। धरती की गति पिछले कुछ दशकों की सुस्ती के बाद अब तेज हो रही है और एक्सपर्ट के पास अभी इस कारण का जवाब देने वाला कोई स्पष्टीकरण नहीं है।















