पर्यावरण को बचाने के लिए मनाया जाता है पृथ्वी दिवस

आज का दिन यानी 22 अप्रैल पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज का दिन धरतीवासियों को बताता है कि हमारी धरती सीमित है, और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखना हमारी जिम्मेदारी है।

पर्यावरण को बचाने के लिए मनाया जाता है पृथ्वी दिवस

यूनेस्को सम्मेलन में 1969 में पहली बार पृथ्वी दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया था और 1970 में पर्यावरण को संरक्षण के लिए पृथ्वी दिवस की शुरुआत हुई। तब से पृथ्वी दिवस को वानिकी दिवस या पर्यावरण दिवस के रूप में पूरे विश्व में एक त्योहार की तरह मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस को 2016 में जलवायु के संरक्षण के लिए समर्पित किया गया।

पहले पृथ्वी दिवस में 2 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हुए। लोगों ने रैलियां निकालीं और प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाई। इस आंदोलन के कारण अमरीका में पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) बनी और प्रदूषण रोकने के लिए नए कानून बने।

1990 तक यह दिन पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा। आज 190 से ज्यादा देशों में लोग पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण के लिए काम करते हैं। वर्तमान में जब प्रदूषण, ग्लोबल वॉर्मिंग और जंगलों की कटाई जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं तो पृथ्वी दिवस का महत्व और भी अधिक हो गया है।

इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण और पृथ्वी के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए विश्व पृथ्वी दिवस की थीम “Our Power, Our Planet” रखी गई है। आशा है कि इस थीम के साथ नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अपनाने का भरपूर प्रयास किया जाएगा।

पृथ्वी दिवस 2025 की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” के साथ के साथ नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर, पवन, जल, भूतापीय और ज्वारीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास है। इसके अलावा साल 2030 तक वैश्विक स्वच्छ बिजली उत्पादन को तीन गुना किये जाने का भी प्रयास है। साथ ही आज का दिन जलवायु परिवर्तन से लड़ने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से मनाए जाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

आज के दिन लोगों को पर्यावरण की समस्याओं, जिनमे हवा और पानी का प्रदूषण, प्लास्टिक का कचरा और पेड़ों की कटाई आदि की जानकारी दी जाती है। आज का दिन हमें सिखाता है कि धरती को बचाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। इस दिन को मनाने के लिए स्कूल, कॉलेज और संगठन पेड़ लगाने, सफाई करने और पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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