जलवायु परिवर्तन के कारण इस साल धरती ने 41 दिन अधिक झेली भीषण गर्मी- रिपोर्ट

जलवायु परिवर्तन के कारण इस साल दुनिया को कुछ ज़्यादा ही समय भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा है। जानकार इसका कारण मानव-जनित जलवायु परिवर्तन को बता रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन के कारण इस साल धरती ने 41 दिन अधिक झेली भीषण गर्मी- रिपोर्ट

डब्ल्यूडब्ल्यूए और क्लाइमेट सेंट्रल के वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी से जुड़ी जानकारियां प्रस्तुत की हैं। रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि साल 2024 को बढ़ते तापमान के कारण अब तक के सबसे गर्म साल में से एक के रूप में चिह्नित किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक़ इस वर्ष पृथ्वी ने अब तक के सबसे गर्म दिन और लगातार 13 महीनों तक गर्म मौसम दर्ज किया। कुछ इलाक़ों में 150 दिनों से अधिक अत्यधिक गर्मी झेली, यह सबकुछ झेलने वाले देश सबसे गरीब और कम विकसित देशों में आते हैं।

डब्ल्यूडब्ल्यूए और क्लाइमेट सेंट्रल के वैज्ञानिकों के मुताबिक़, इस वर्ष की गर्मी में होने वाली जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम की घटनाए न सिर्फ विश्वभर में 3,700 से अधिक लोगों की मौत की वजह बनीं बल्कि लाखों लोगों ने इसी कारण विस्थापन भी किया।

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया में 2024 में भीषण गर्मी के दिनों में औसतन 41 दिन की वृद्धि हुई है। इसकी वजह मानव-जनित जलवायु परिवर्तन रहा। इसके परिणामस्वरूप इस वर्ष के अधिकांश वक्त, चरम मौसम की घटनाओं के पहले की तुलना में अधिक गंभीर रहे हैं।

वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (डब्ल्यूडब्ल्यूए) और क्लाइमेट सेंट्रल के वैज्ञानिकों ने इस बदलाव से जुड़े कई खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक़, इस वर्ष की गर्मी यानी 2024 में होने वाली जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम की घटनाए न सिर्फ विश्वभर में 3,700 से अधिक लोगों की मौत की वजह बनीं बल्कि लाखों लोगों ने इसी कारण विस्थापन भी किया।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन ने इस साल के अधिकांश समय चरम मौसम की घटनाओं को और अधिक गंभीर बना दिया है। डब्ल्यूडब्ल्यूए चीफ जलवायु वैज्ञानिक फ्रेडरिक ओट्टो के अनुसार, जलवायु परिवर्तन ने हीटवेव, सूखे, उष्णकटिबंधीय तूफानों और भारी बारिश की तीव्रता और आवृत्ति को बढ़ा दिया है। इसके नतीजे में लाखों लोगों की जान और आजीविका पर असर पड़ा है।

फ्रेडरिक ओट्टो ने चेतावनी दी कि अगर जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल नहीं घटाया गया, तो यह परेशानी और भी गंभीर हो जाएगी।

रिपोर्ट से पता चलता है कि, 2024 में जलवायु परिवर्तन के कारण 29 में से 26 अत्यधिक मौसम की घटनाओं जैसे बाढ़, तूफान और सूखे को अधिक गंभीर बना दिया। गर्म समुद्री जल और गर्म हवा के कारण अधिक शक्तिशाली तूफानों और रिकॉर्ड तोड़ बारिश का सामना करना पड़ा।

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