मुख्तार अंसारी की मौत की जांच के लिए डीएम ने किया टीम का गठन

बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की दिल का दौरा पड़ने से गुरुवार 28 मार्च को मौत हो गई। मेडिकल एड के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मुख्तार अंसारी की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यों की टीम का गठन किया है।

मुख्तार अंसारी की मौत की जांच के लिए डीएम ने किया टीम का गठन

मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने उनकी हत्या की आशंका जताई थी। खुद मुख्तार अंसारी ने भी अपनी जान के खतरे की आशंका कई बार जताई थी। अपनी हत्या की आशंका पर वह कई बार सुरक्षा की गुहार भी लगा चुका था।

मुख्तार ने यह भी कहा था कि जेल में उसे खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की जा रही है। जहर के कारण उसकी हालत काफी गंभीर है।

इस सम्बन्ध में मुख्तार अंसारी ने अपने वकील रणधीर सिंह सुमन के जरिए कोर्ट में एक एप्लिकेशन दायर करते हुए यह दावा किया था कि बांदा जेल में बीते 19 मार्च को उन्हें जो भोजन दिया गया था उसमें जहर मिला था।

मुख्तार अंसारी की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यों की टीम का गठन किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डीएम ने इस टीम का गठन किया है।

मुख्तार अंसारी की अचानक मौत पर बदायूं में समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि मुख्तार अंसारी के परिवार से उनके पुराने रिश्ते रहे हैं। आजादी की लड़ाई में इस परिवार का बड़ा योगदान बताते हुए उन्होंने मुख्तार अंसारी की मौत को संदिग्ध बताया है।

पंचनामा और पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस की टीम मुख्तार के शव को गाजीपुर ले जाएगी। करीब एक बजे के आस पास ही टीम शव लेकर गाजीपुर के लिए निकलेगी। एहतियात के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है।

अनुमान है कि मुख्तार अंसारी का पुत्र अब्बास अंसारी अपने पिता के अंतिम संस्कार में जाएगा। शव को बांदा से फतेहपुर और कौशांबी और भदोही के रास्ते होते हुए गाजीपुर ले जाया जाएगा। मुख्तार के शव को गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में स्थित काली बाग कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।

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