भारतीय इतिहास का सबसे गर्म दिन बन चुका है दिल्ली

देश के इतिहास का सबसे अधिक तापमान बीते दिन राजधानी में 52.3 सेल्सियस दर्ज किया गया।

भारतीय इतिहास का सबसे गर्म दिन बन चुका है दिल्ली

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि बुधवार को नई दिल्ली के उपनगर मंगेशपुर में मौसम विज्ञान केंद्र ने शाम चार बजकर 14 मिनट पर अधिकतम तापमान 52.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो 12 डिग्री अधिक है। मंगलवार को यहाँ अधिकतम 49.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।

इससे पहले भारत का सबसे गर्म क्षेत्र फलौदी है, जो राजस्थान राज्य का एक रेगिस्तानी क्षेत्र है, जहां देश के इतिहास में सबसे अधिक तापमान 2016 में दर्ज किया गया था, जो 51 डिग्री था।

आज से लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हलके बादलों के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं जिससे आज से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी।

मौसम विभाग के मुताबिक़ लखनऊ की अपेक्षा वाराणसी, बुलंदशहर, आगरा, प्रयागराज और झांसी अभी भी पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रिकॉर्ड हुए हैं। इन शहरों में तापमान 48 से 49 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड हुआ है। यहां पर अभी भी तपिश बनी रहेगी। इसके साथ ही पूरा यूपी रेड अलर्ट ज़ोन से बाहर आ गया है, हालाँकि हीट वेव की चेतावनी अभी भी जारी रहेगी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिल्ली के 52.3 डिग्री तापमान ने राजस्थान के 51 डिग्री सहित पिछले सभी राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिए।

भारतीय इतिहास का सबसे गर्म दिन बन चुका है दिल्ली

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि इन परिस्थितियों में सभी उम्र के लोगों को हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक है, जबकि बुजुर्गों और कमजोर लोगों को सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

बीच राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की अधिकतम मांग बुधवार को अपने अबतक के उच्चतम स्तर 8,302 मेगावाट पर पहुंच गई। पहली बार दिल्ली के इतिहास में बिजली की अधिकतम मांग ने भी 8,300 मेगावाट का आंकड़ा पार किया है। बताते चलें कि बिजली वितरण कंपनियों ने इस साल की गर्मियों में अधिकतम मांग का आंकड़ा 8,200 मेगावाट तक रहने का अनुमान लगाया था।

मौसम विभाग के बयान में कहा गया है कि संभावना है कि कल गुरुवार से देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में गर्मी की लहर धीरे-धीरे कम हो जाएगी।

गौरतलब है कि मई 2022 में दिल्ली के कुछ हिस्सों में तापमान 49.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो यहाँ का अब तक का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड था।

देश में अत्यधिक गर्मी, बारिश और कोहरा जलवायु परिवर्तन के कारण है, जिसने दुनिया भर के तापमान को प्रभावित किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *