इंग्लैंड में बच्चों की मौत पर हुई एक स्टडी से पता चला है कि चार साल के समय में मरने वाले 14 में से एक बच्चे के माता-पिता करीबी रिश्तेदार थे। एक्सपर्ट्स ने इस स्थिति को चिंताजनक बताया है और तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।

ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में मौजूद नेशनल चाइल्ड मॉर्टेलिटी डेटाबेस (NCMD) ने ये आंकड़े जारी किए हैं। इनमें 2019 और 2023 के बीच इंग्लैंड में हुई सभी 13,045 बच्चों की मौतों का एनालिसिस किया गया। इनमें से 926 (7%) बच्चे ऐसे थे जो सगे माता-पिता से पैदा हुए थे, जिसका मतलब है कि माता और पिता करीबी खून के रिश्तेदार हैं, जैसे कि पहले चचेरे भाई-बहन।
नेशनल चाइल्ड मॉर्टेलिटी डेटाबेस के अनुसार, 2019 और 2023 के बीच इंग्लैंड में 13,045 बच्चों की मौत हुई, जिनमें से 926 बच्चे (लगभग 7%) ऐसे माता-पिता से पैदा हुए थे जो करीबी रिश्तेदार थे, जैसे कि फर्स्ट कज़िन।
एनसीएमडी की डायरेक्टर और स्टडी की मुख्य लेखक प्रोफ़ेसर कैरन लुइट ने कहा, “यह दुनिया भर में अपनी तरह का पहला एनालिसिस है जो पूरे देश में और कई सालों में सगोत्रीय संबंध (Consanguinity) से जुड़ी बच्चों की मौतों को देखता है।” “एनसीएमडी का डेटासेट अनोखा है: यह समय पर, पूरा और व्यापक है, और यह हमें बच्चों की मृत्यु दर पर सगोत्रीय संबंध के असर के बारे में पहले से कहीं ज़्यादा साफ़ जानकारी देता है।”
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि देश भर में करीबी रिश्तेदारों की सही संख्या साफ नहीं है, लेकिन मौत के आंकड़ों में इन बच्चों की दर असामान्य रूप से ज़्यादा है।रिपोर्ट में बच्चों की मौत में नस्लीय, सामाजिक-आर्थिक अंतर की भी पहचान की गई है। ब्रैडफोर्ड में हुई एक स्टडी में पाया गया कि 6 में से एक बच्चे के माता-पिता फर्स्ट कज़िन थे। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस मुद्दे को एक गंभीर पब्लिक हेल्थ चिंता बताया है।













