उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर रोक लगा दी गई है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने यूपी बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि उपभोक्ता संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन डिस्कनेक्ट हुए हैं, उनसे फोन कॉलिंग के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
ऊर्जा मंत्री ने अपने आदेश में अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर का लगातार विरोध हो रहा है। आए दिन इसको लेकर शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने तत्काल प्रभाव से यूपी में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी है।
इस संबंध में लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता हितैषी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा के साथ शक्ति भवन में आयोजित इस बैठक में ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में गठित तकनीकी समिति जब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती और उसकी जांच नहीं हो जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी।
ऊर्जा मंत्री आगे यह भी कहा है कि जहां स्मार्ट मीटर अभी तत्काल में लगे हैं, वहां लगभग 15 दिन की कन्वर्जन अवधि और उसके बाद 30 दिन यानी कुल लगभग 45 दिन तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है कि जीरो बैलेंस होने की स्थिति में भी अधिकतम 3 दिन या 2 किलोवाट भार तक बिजली की सप्लाई बाधित नहीं होगी।
रविवार या अन्य अवकाश के दिनों में बैलेंस नेगेटिव होने के बावजूद बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। उपभोक्ताओं को राहत के साथ समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 5-स्तरीय SMS अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला, 10 प्रतिशत पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पूर्व चौथा और डिस्कनेक्शन के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा।
दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने के साथ ऊर्जा मंत्री ने सभी डिस्कॉम अधिकारियों को इस गर्मी वाले मौसम में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के सख्त निर्देश दिए है। ट्रांसफार्मर बदलने में किसी प्रकार की देरी न होने के साथ ढीले तारों व स्पार्किंग की समस्याओं को तत्काल ठीक किए जाने के भी आदेश दिए गए हैं।