लोकसभा में बीते दिन महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। सरकार आवश्यक समर्थन जुटाने में नाकाम रही।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बिल गिरने के बाद बताया कि कुल वोट 528 पड़े। इनमें बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। पहले राउंड में कुल 489 वोट पड़े जिनमें पक्ष में 278 और विरोध में 211 वोट पड़े। इस बिल को दो तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी। जबकि यहाँ 54 वोट कम पड़े।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को आगे नहीं बढ़ा सकते।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे संविधान पर आक्रमण बताया। उन्होंने आगे कहा कि इसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण लागू करना चाहते हैं तो 2023 में पारित कानून को लागू करें जिसमें विपक्ष पूरा सहयोग देगा।
सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था। इन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
लोकसभा में संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल के पारित न होने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘ये बिल जिस तरह से सरकार ने पेश किया, उस तरह से उसका पारित होना नामुमकिन था। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा और पुरानी जनगणना से जोड़ा, जिस कारण से इसे पारित नहीं किया गया।’
गौरतलब है कि लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। सरकार बहुमत जुटाने में नाकाम रही और विधेयक गिर गया।
इसे संविधान की जीत बताते हुए वरिष्ठ काङ्रेसी नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा महिलाओं के आरक्षण (जिस पर पहले ही निर्णय हो चुका था) को अपने खतरनाक परिसीमन प्रस्तावों से जोड़ने का कुटिल और चालाकी भरा प्रयास लोकसभा में निर्णायक रूप से पराजित हो गया है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के बाद से ही यह पूरे विपक्ष की लगातार मांग रही है, जिसे अंततः कल देर रात अधिसूचित किया गया।’
लोकसभा में महिला आरक्षण में परिसीमन को जोड़ने वाले संविधान संशोधन विधेयक के विफल होने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु ने दिल्ली को हरा दिया। स्टालिन ने कहा कि 23 अप्रैल को हम दिल्ली के अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हरा देंगे।
मतदाताओं की अपेक्षा का हवाला देते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस सदन में 543 सांसद बैठते है। उनके मुताबिक़, किसी के संसदीय क्षेत्र में मतदाता की संख्या 49 लाख तो किसी के यहां 60 हज़ार है। आगे उन्होंने कहा कि कई सीटें इतनी बड़ी हो गई हैं कि सांसद उनसे मिल भी नहीं पाता है। आगे उन्होंने कहा कि क्या जो लोग विरोध कर रहे हैं, वह मुझे समझा सकते हैं कि जिनके यहां 49 लाख मतदाता हो, वह अपने ज़िम्मेदारी का निर्वाहन कैसे करता होगा? इसी को ध्यान में रखते हुए संविधान में समय समय पर परिसीमन का प्रावधान है।