लखनऊ : कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव संपन्न होने के तत्काल बाद आया एग्जिट पोल सर्वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आखिरी चाल है। Congress

एग्जिट पोल में दिए गए तथ्य और आंकड़े पूरी तरह से भ्रामक एवं निराधार है। कांग्रेस पार्टी एग्जिट पोल को पूरी तरह नकारती है।
आने वाले 11 मार्च को चुनाव नतीजे यह साबित कर देंगे कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस-सपा गठबंधन के पक्ष में सरकार बनाने के लिए मतदान किया है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने कहा, “जिन एजेंसियों ने विधानसभा चुनाव को लेकर सर्वे किया था और अपना एग्जिट पोल दिखाया है आपस में ही भ्रम पैदा करते हैं।
क्योंकि प्रत्येक एजेंसियों के आंकड़े अलग-अलग एवं भारी अंतर्विरोध से भरे हैं। प्रदेश के लोग भूले नहीं हैं कि इन्हीं एजेंसियों ने इसके पूर्व में दिल्ली प्रदेश एवं बिहार प्रदेश का सर्वे भी दिखाया था जो कि शत-प्रतिशत गलत साबित हुआ था।”
प्रवक्ता ने कहा, कांग्रेस-सपा गठबंधन को यह पूरा विश्वास है कि प्रदेश की जनता ने विकास, स्थिरता तथा राहुल गांधी एवं अखिलेश यादव पर विश्वास करके प्रदेश में कांग्रेस-सपा गठबंधन की सरकार बनाने के लिए मतदान किया है, जिसके कारण प्रदेश में भारी बहुमत से गठबंधन की सरकार बननी तय है।
गौरतलसब है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के लिए फरवरी-मार्च में विधान सभा चुनाव के लिए हुए मतदान के एग्जिट पोल के नतीजे गुरुवार (नौ मार्च) को आ गए हैं।
विभिन्न सर्वे एजेंसियों और टीवी चैनल के एग्जिट पोल के अनुसार उत्तर प्रदेश, गोवा और उत्तराखंड भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है।
पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में कड़ी टक्कर दिख रही है। वहीं मणिपुर में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल सकता है। देश के सबसे बड़े सूबे में उत्तर प्रदेश में विभिन्न सर्वे में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान जताया जा रहा है।
सत्ताधारी सपा को चुनाव से पहले कांग्रेस से गठबंधन करने का कोई फायदा शायद नहीं हुआ। वहीं बसपा को पिछले बार से कुछ ही ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं।
