कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। श्रीसन फार्मा के मालिक जहरीली दवा ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप बनाने वाले कंपनी के मालिक रंगनाथन को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया है।

पिछले दिनों कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ से हुई मौतों के मामले में रंगनाथन की तलाश जारी थी। अन्य प्रयासों के साथ उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने रंगनाथन को चेन्नई गिरफ्तार किया है। उन्हें चेन्नई (तमिलनाडु) की एक अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) लाया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, रंगनाथन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक छिंदवाडा रेंज राकेश कुमार सिंह ने दवा निर्माता कंपनी के फरार आरोपियों की सूचना देने वाले को 20 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखने की बात कही गई थी।
तमिलनाडु सरकार ने भी मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत से जुड़े प्रतिबंधित कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ का उत्पादन करने वाली एक कंपनी के प्लांट को सील कर दिया है साथ ही कंपनी को दूसरा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके लिए मध्य प्रदेश पुलिस की सात सदस्यीय एसआईटी ने कंपनी के चेन्नई स्थित रजिस्टर्ड ऑफिस और कांचीपुरम में स्थित फैक्टरी में जांच की थी।
याद दिला दें कि मध्यप्रदेश में इस कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की किडनी खराब हो गई। इलाज के दौरान अब तक कुल 24 बच्चों की मौत की खबर है। विभिन्न राज्यों ने भी इसपर प्रतिबंध लगा दिया है। तमिलनाडु सरकार ने एक अक्टूबर से ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए दवा के स्टॉक को बाजार से हटाने का आदेश दिया था।
इस मामले की जांच के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी तीन दिन पहले चेन्नई पहुंची थी। एसआईटी ने कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन को अशोक नगर थाना क्षेत्र से पकड़ने के बाद उसे कांचीपुरम के सुंगुवर्चत्रम ले जाकर आगे की पूछताछ की।
बच्चों के लिए सामान्य सर्दी-खांसी के इलाज के लिए श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित यह कफ सिरप बेचा जा रहा था। इससे अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में बच्चे इलाज को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि केमिकल डायएथिलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल कामों में किया जाता है। जानकारी में कहा गया है कि कफ सिरप में 46.2 प्रतिशत डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG)की मिलावट थी। डायएथिलीन ग्लाइकॉल ऐसा जहरीला केमिकल, जिसके सेवन किडनी फेल होने का खतरा होता है।
