देश के उत्तरी हिस्सों में माइनस में पहुंचे पारे से पूर्व तक बढ़ी ठंड

नवम्बर गुजरने के साथ उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक ठंड अपने पैर पसार रही है। का असर तेजी से बढ़ रहा है। कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश में तापमान माइनस में पहुंच गया है। उत्तर भारत सहित दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में आने वाले दिनों में ठंड का असर और तेज होने का अनुमान है।

देश के उत्तरी हिस्सों में माइनस में पहुंचे पारे से पूर्व तक बढ़ी ठंड

इस बीच लखनऊ का न्यूनतम तापमान गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया। दिल्ली पिछले तीन वर्षों का नवंबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज हुआ। पहाड़ों में जारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में सिहरन बढ़ गई है। जम्मू, हरियाणा और ओडिशा में भी रात का तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट होगी और ठंड का प्रकोप और तेज पड़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में पहले से हो रही बर्फबारी और लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते नवंबर में ही शीतलहर जैसे हालात बन रहे हैं। आमतौर पर यह स्थिति दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में देखने को मिलती है, मगर इस बार नवंबर में ही पारा तेजी से गिरा है। तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद फिर कमी आएगी।

मौसम विभाग से मिली जानकारी में कहा गया है कि 17 नवंबर की रात को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसके गुजरते ही पारा फिर नीचे आएगा।

विभाग के मुताबिक़, 21 नवंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है। उत्तर भारत, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में आने वाले दिनों में ठंड का असर और तेज होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।

कश्मीर में श्रीनगर सहित लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज हुआ। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री और न्यूनतम माइनस 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम है। इसका असर मैदानी इलाक़ों में भी देखा गया।

हरियाणा में हिसार रविवार को प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह इस सीजन का भी अब तक का सबसे कम तापमान है। हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम पारा गिरने से ठंड बढ़ गईं हैं। प्रदेश में सबसे कम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में माइनस 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान ऊना और पांवटा साहिब में 27 डिग्री सेल्सियस रहा।

ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 11 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले एक सप्ताह तक हिमाचल में बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले 4 से 5 दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है।

काजीगुंड में अधिकतम 18.4 और न्यूनतम माइनस 2.3 डिग्री दर्ज किया गया। पहलगाम में न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री तक लुढ़का, जबकि गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार 20 नवंबर तक कश्मीर में मौसम साफ रहने की संभावना है।

रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। जम्मू में भी तापमान में गिरावट का असर देखा गया। अधिकतम तापमान 25.1 और न्यूनतम 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट के बाद शाम होते ही गलन बढ़ गई।

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