अल्बानिया में सत्ता के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं नागरिक

अल्बानिया की सड़कों पर प्रदर्शनकारी बीते पांच सप्ताह से विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हो रहे हैं। रात के ये प्रदर्शन एक सुरक्षित प्राकृतिक इलाके में लग्ज़री कोस्टल रिज़ॉर्ट बनाने के प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुए थे। यह निर्माण अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ा है।

अल्बानिया की राजधानी में बीते शनिवार की रात लगातार पांचवे सप्ताह एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे, उनकी सरकार को अस्थायी रूप से बदलने, संवैधानिक सुधार और भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग कर रहे थे।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया द्वारा साझा तस्वीरों में हज़ारों लोगों को तिराना के मुख्य रास्ते से स्कैंडरबेग स्क्वायर की ओर मार्च करते हुए देखा गया। प्रदर्शनकारियों की संख्या की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ये रात के प्रदर्शन एक सुरक्षित प्राकृतिक इलाके में लग्ज़री कोस्टल रिज़ॉर्ट बनाने के प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुए थे, जो अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ा है, लेकिन बाद में ये सरकार-विरोधी और भ्रष्टाचार-विरोधी व्यापक प्रदर्शनों में बदल गए। प्रदर्शनकारी “नया अल्बानिया” और “एडी रामा, इस्तीफा दो” के नारे लगा रहे थे।

इस मार्च में जो प्रतीकात्मकता देखी गई उसमे रामा की एक ऊंची प्रतिमा लगाई गई और बाद में उसे रस्सी की मदद से गिरा दिया गया। यह घटना फरवरी 1991 में लंबे समय तक कम्युनिस्ट तानाशाह रहे एनवर होक्सा की प्रतिमा को गिराए जाने की याद दिलाती है, जिसे हर साल 20 फरवरी को याद किया जाता है। चूंकि शनिवार 4 जुलाई, 2026 का प्रदर्शन रामा के 62वें जन्मदिन पर हुआ, इसलिए कुछ प्रदर्शनकारी सीमेंट से बने “बर्थडे केक” लेकर आए थे, जो बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की ओर इशारा था। मिस्टर रामा के लिए एक व्यंग्यात्मक “हैप्पी बर्थडे” गाना भी गाया गया।

कुछ प्रदर्शनकारी गुलाबी फ्लेमिंगो गुब्बारे लिए हुए थे, जो उन पक्षियों की ओर इशारा था जिन्हें रिज़ॉर्ट निर्माण प्रोजेक्ट से खतरा बताया जा रहा है। इन प्रदर्शनों को लंबे समय से “पिंक फ्लेमिंगो क्रांति” कहा जा रहा है।

लगभग दो घंटे तक विरोध करने के बाद, लोगों का एक बड़ा समूह पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ा और गुरुवार को संसद के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन की खिड़कियां तोड़ दीं, जबकि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पर्यावरण की दृष्टि से संरक्षित तटीय और आर्द्रभूमि इलाक़ों को नुकसान होगा। समुद्री कछुओं, फ्लेमिंगो पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के आवास नष्ट होंगे। सरकार ने परियोजना को पर्याप्त पारदर्शिता के बिना मंजूरी दी है। देश की प्राकृतिक संपदा विदेशी निवेशकों को गुपचुप तरीके से सौंपी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने रिश्वत लेकर यह समझौता किया है।

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