कावेरी विवाद पर कर्नाटक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की हस्तक्षेप की मांग

 

बेंगलुरु। तमिलनाडु के साथ कर्नाटक के कावेरी विवाद पर सोमवार को बेंगलुरु में जमकर हिंसा और आगजनी हुई। जिसमें दो लोगों की मौत भी हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों से संयम बरतने का आग्रह करते हुए दुख व्यक्त किया है। cauvery protests

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री से कहा है कि वे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे। जयललिता से भी मुलाकात करें।’ इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री ने कहा था कि हालात ‘तकलीफदेह’ हैं। उन्होंने आगे कहा, कानून तोड़ना सही विकल्प नहीं है। पिछले दो दिन से हो रही हिंसा और आगजनी की घटनाओं से गरीबों को नुकसान पहुंच रहा है और हमारे देश की संपत्ति का नुकसान हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तमिलनाडु के लिए कर्नाटक से और ज्यादा पानी छोड़े जाने के आदेश के बाद समूचे कर्नाटक में प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार के अपने फैसले में पिछले हफ्ते के आदेश से भी ज्यादा पानी पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के लिए छोड़े जाने का आदेश कर्नाटक को दिया था। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील करते हुए कहा कि आदेश का पालन करना बेहद मुश्किल है, लेकिन फिर भी हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। आईटी हब बेंगलुरु में तोड़फोड़ के आरोप में 350 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शहर में सोमवार को बसों में आग लगा दी गई थी और दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू भी लगाना पड़ा। इन विरोध प्रदर्शनों का असर बेंगलुरु की टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भी पड़ा।

पुलिस ने मंगलवार सुबह ट्वीट करके अफवाहों के प्रति लोगों को सचेत किया। एक ट्वीट में कहा गया कि कृपया जो संदेश व्हाट्सऐप के जरिए फैलाए जा रहे हैं उनपर आंख बंद करके भरोसा न करें। एक अन्य ट्वीट में कहा गया, ‘बेंगलुरु के हालात एकदम सामान्य हैं। किसी भी तरह की तोड़फोड़ आदि के खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा।’ राज्य सरकार ने शहरभर में 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। दंगा पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान शहर की सड़कों पर सशस्त्र मार्च कर रहे हैं। cauvery protests

ईद की छुट्टी की वजह से मंगलवार को सड़कों पर भीड़ न के बराबर देखी जा रही है। कई स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद हैं। सोमवार को भी हिंसा के कारण इनमें से कई को जल्दी बंद कर देना पड़ा था। बसें सड़कों पर नहीं उतरी। सोमवार को तमिलनाडु में भी प्रदर्शन हुए। राज्य ने कर्नाटक सीमा पर पुलिस जवानों को तैनात कर दिया था। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से कहा था कि वह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 15,000 क्यूसेक पानी छोड़े। इस आदेश के बाद दशकों पुराना यह विवाद एक बार फिर गरमा गया था। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जब अपने पैसले में 10 दिन की बजाय 20 दिन तक 15,000 की बजाय 12,000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ने की बात कही तो कर्नाटक में हिंसा भड़क गई। cauvery protests

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