प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और 31 मार्च 2030 तक विस्तार को कैबिनेट ने दी मंजूरी

केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। रेहड़ी-पटरी वालों को समर्थन देने वाली यह योजना अब 31 मार्च 2030 तक चलेगी।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और 31 मार्च 2030 तक विस्तार को कैबिनेट ने दी मंजूरी

बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन और विस्तार को 31 मार्च 2030 तक की मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट की एक रिलीज में कहा गया है कि इस पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है। इस योजना के लिए कुल 7,332 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी।

इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्तों में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा व थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं।

यूपीआई-लिंक्ड रु पे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से रेहड़ी-पटरी वालों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध होगा। इस बढ़ी हुई ऋण संरचना में पहली किस्त के ऋण को 10,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए और दूसरी किस्त के ऋण को 20,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए तक कर दिया गया है, जबकि तीसरी किस्त 50,000 रुपए पर अपरिवर्तित रहेगी।

रेहड़ी-पटरी वाले खुदरा और थोक लेनदेन में डिजिटल विधि अपनाने को बढ़ावा देने वालों को 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ भी मिलेगा यह योजना उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल स्किल और कनवर्जेंस के माध्यम से मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए रेहड़ी-पटरी वालों की क्षमता निर्माण पर भी केंद्रित है। एफएसएसएआई के साथ साझेदारी में, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मानक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों और उनके परिवारों तक यह लाभ पहुंच सके, इसके लिए रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के समग्र कल्याण और विकास को सुनिश्चित करने के लिए, मासिक लोक कल्याण मेलों के माध्यम से ‘स्वनिधि से समृद्धि’ घटक को मजबूत किया जाएगा।

याद दिला दें कि सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान कठिनाइयों का सामना करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों का समर्थन करने के लिए पहली जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी।

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