बुधवार को कैबिनेट ने देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटों में विस्तार को मंज़ूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसले की दी जानकारी में बताया कि 5,023 एमबीबीएस और 5,000 पीजी सीटों के विस्तार को मंजूरी दे दी। प्रत्येक सीट के लिए इस विस्तार की अनुमानित लागत 1.5 करोड़ रुपये है।

राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसलें की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय से जुड़े प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंजूरी दी गयी।
मौजूदा केंद्रीय और राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ और उन्नत करने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेडिकल पीजी कोर्स की 5,000 सीटें बढ़ाने की योजना के तीसरे चरण को बुधवार को मंजूरी दे दी है इसके साथ ही एमबीबीएस की 5,023 सीटें भी बढ़ाई जाएंगी।
जानकारी में बताया गया है कि यह पहल केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तीसरे चरण के विस्तार के तहत की गई है। योजना का कुल वित्तीय भार 2025-26 से 2028-29 तक 15,034.50 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 10,303.20 करोड़ रुपये और राज्यों का 4,731.30 करोड़ रुपये है।
बताते चलें कि वर्तमान में देश में 808 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें कुल 1,23,700 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। जानकारी में यह भी कहा गया है कि पिछले दशक में एमबीबीएस की नई 69,352 सीट और पीजी की 43,041 सीटें जोड़ी गई हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 22 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान उच्च स्तरीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और अत्याधुनिक शिक्षण सुविधाओं के माध्यम से दक्ष स्वास्थ्य पेशेवर तैयार कर रहे हैं।













