ट्रंप के आदेश के बाद सीरिया पर अमेरिका फ़्रांस और ब्रिटेन ने दागी मिसाइलें

दमिश्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद पेंटागन ने शनिवार (14 अप्रैल) को सीरिया पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. राजधानी दमिश्क के कई जगहों पर अमेरिका ने मिसाइलें दागी, वहीं जवाबी कार्रवाई में सीरिया की असद सरकार ने भी अमेरिका को जवाब देने के लिए ऑपरेशन शुरू करते हुए एंटी गाइडेड मिसाइल को लॉन्च कर दिया है.

सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हाल में कथित रूप से सीरिया द्वारा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने पहले ही असद सरकार को चेतावनी दी थी. इस हमले में बच्चों सहित 92 लोग मारे गए थे.

सात अमेरिकी सैन्य विमान सीरिया के तट के निकट निगरानी मिशन पर देखे गए जहां रूस के हेएमिम एयरबेस और टारटस नौसैनिक बेस स्थित हैं. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह जानकारी रूस के सैन्य उड़ान निगरानी केंद्र ने शुक्रवार (13 अप्रैल) को ट्वीट कर दी. इसमें कहा गया है, “छह अमेरिकी नौसैनिक पी-8ए पोसेडन गश्ती विमान इटली के सिसिलिया द्वीप और ईपी-3ई एरीस द्वितीय निगरानी विमान ग्रीस के क्रेट द्वीप से रवाना हुआ था.”

संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वैसिली नेबेनजिया ने अमेरिका को सीरिया पर सैन्य कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी दी है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, “हमें उम्मीद है कि वापसी का कोई मतलब नहीं होगा कि अमेरिका और सहयोगी एक संप्रभु देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से दूर रहेंगे.” उन्होंने कहा, “हालात और बढ़ते खतरे के बारे में हम बहुत चिंतित हैं.”

बोलीविया के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने गुप्त रूप से विचार-विमर्श किया था. नेबेनजिया ने कहा कि फिलहाल सुरक्षा परिषद की प्राथमिकता संभावित युद्ध के खतरे को टालना है. यह पूछे जाने पर कि क्या सीरिया पर हमला होने पर युद्ध अमेरिका और रूस के बीच में होगा तो नेबेनजिया ने कहा, “दुर्भाग्य से हम किसी संभावना से इनकार नहीं कर सकते, क्योंकि हमने वाशिंगटन से आए संदेशों को देखा था, जो झगड़ा बढ़ाने वाले थे. वे जानते हैं कि हम वहां (सीरिया में) हैं.”

ब्रिटेन सरकार ने संकेत दिया है कि वह सीरिया के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के लिए तैयार है. ब्रिटेन का कहना है कि इस बात की काफी संभावना है कि असद सरकार ने ही अपने ही लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया. सीएनएन के मुताबिक, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के वरिष्ठ मंत्रियों के बीच गुरुवार को हुई एक कैबिनेट बैठक में सैन्य कार्रवाई की जरूरत पर सहमति बनी लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ब्रिटेन क्या कदम उठाएगा. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मंत्रियों ने कहा कि असद सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोकने और मानवीय स्थिति में सुधार की जरूरत है.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की राजनीतिक एवं मीडिया सलाहकार बौथेना शाबन ने बीते 11 अप्रैल को कहा था कि उनका देश अमेरिका की हमला करने की धमकियों से नहीं डरता. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, शाबन ने एक स्थानीय टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में कहा था कि अमेरिका की सीरिया पर हमला करने की धमकियां असल में और दबाव बनाने का हथकंडा है.

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