‘विनिंग पंच’ लगाते हुए प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे विकास

रियो डी जनेरियो। भारतीय मुक्केबाज विकास कृशन यादव ने ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलम्पिक खेलों के चौथे दिन मंगलवार को पुरुषों की 75 किलोग्राम मिडिलवेट स्पर्धा का पहला मुकाबला 3-0 से जीतते हुए प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

India's Vikas Krishan, left, fights United State's Charles Albert Shone Conwell during a men's middleweight 75-kg boxing match at the 2016 Summer Olympics in Rio de Janeiro, Brazil, Tuesday, Aug. 9, 2016. (AP Photo/Frank Franklin II)

विकास ने स्पर्धा के प्रीलिमिनरी मुकाबले में अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को 29-28, 29-28, 29-28 से हराया।

मुकाबले के बाद विकास ने आईएएनएस से कहा, “मेरी रणनीति शुरुआती दो राउंड जीतने की थी। मेरा प्रतिद्वंद्वी मुझसे युवा, अधिक शक्तिशाली और अधिक क्षमतावान था। लेकिन मैंने अपने अनुभव को पूरा उपयोग किया।” विकास ने कहा, “मैंने उन्हें पहले कभी लड़ते नहीं देखा था, इसलिए शुरुआती एक मिनट मैं उनकी लड़ने की शैली को परखता रहा। उसके बाद मैंने आक्रमण शुरू किया। वह प्रहार करने के लिए काफी झुक रहा था और मुझे उम्मीद थी कि रेफरी उन्हें ऐसा करने के लिए चेतावनी देंगे, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।”

भारतीय मुक्केबाजी के मुख्य कोच जी। एस। संधू ने कहा कि अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी काफी उग्र था इसलिए उन्होंने विकास को मुक्केबाजी की मूलभूत बातों पर ध्यान देने के लिए कहा। संधू ने कहा, “अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी काफी नजदीक से और उग्र तरीके से प्रहार करने की कोशिश कर रहा था, इसलिए मैंने विकास को सुझाव दिया कि वह कोनवेल को दूर से साफ-साफ पंच मारे। हमारी रणनीति शुरुआती दो राउंड में बढ़त लेने की थी, जिसे विकास ने अच्छी तरह लागू किया।”

संधू ने कहा कि इसके बाद अगर तीसरे राउंड में विकास बहुत बड़े अंतर से न हारते तो इस राउंड में हार का खास फर्क नहीं पड़ने वाला था।पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज कोनवेल आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए। पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले। दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे। दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए। दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए।

दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे। लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा। विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए। वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे। विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए। विकास अब प्री क्वार्टर फाइनल में 12 अगस्त को रिंग में उतरेंगे। स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल मुकाबले 15 अगस्त को, सेमीफाइनल मुकाबले 18 अगस्त को और फाइनल मुकाबला 20 अगस्त को होगा।

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