वनस्पतिशास्त्रियों ने 33 नए ‘डार्क स्पॉट’ की पहचान की

लंदन में हुए एक नए अध्ययन के अनुसार, वनस्पति विज्ञानियों ने दुनिया भर में 33 ‘डार्क स्पॉट’ की पहचान की है, जहां हजारों पौधों की प्रजातियां अपने खोजे जाने का इंतजार कर रही हैं।

वनस्पतिशास्त्रियों ने 33 नए 'डार्क स्पॉट' की पहचान की

बोर्नो के मूल ताड़ के पेड़ जो भूमिगत फूल खिलाते से लेकर मालागासी ऑर्किड तक, तमाम ऐसे पौधे जिनका जन्म अन्य पौधों पर निर्भर करता है।

रॉयल बोटेनिक गार्डन, क्यू के वैज्ञानिकों द्वारा वैश्विक भागीदारों के साथ मिलकर चलाए जा रहे एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रह के “पौधे विविधता डार्कस्पॉट” पर प्रकाश डालना है। ऐसे क्षेत्र जो जैव विविधता से भरपूर हैं, लेकिन जहां भौगोलिक और वर्गीकरण डेटा अधूरा है, जिससे वैज्ञानिकों को उनमें मौजूद पौधों की विविधता के बारे में अंधेरे में रहना पड़ता है।

शोधकर्ता हर साल पौधों की दर्जनों नई प्रजातियों की खोज कर रहे हैं। हालाँकि माना जाता है कि 100,000 से अधिक प्रजातियाँ अभी भी अनदेखी हैं और इनमे से अधिकांश विलुप्त होने की कगार पर हैं।

केव के रॉयल बोटेनिक गार्डन के नेतृत्व में चलने वाली एक नई परियोजना ने दुनिया के उन क्षेत्रों की पहचान की है जिनको विशेषज्ञ द्वारा ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। इसमें मेडागास्कर से लेकर बोलीविया तक वैज्ञानिकों ने जैव विविधता वाले क्षेत्रों की पहचान की है।

एक नए शोध से ग्लोबल पादप विविधता वाले ‘डार्क स्पॉट’ की जानकारी मिली है, जहां नए शोधों के लिए वैज्ञानिक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता है।

न्यू फाइटोलॉजिस्ट पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन ने 33 वैश्विक पादप विविधता डार्कस्पॉट की पहचान की, जिनमें से कम से कम 14 (44%) उष्णकटिबंधीय एशिया में हैं।

एशिया के जिन 22 क्षेत्रों में शोध की आवश्यकता है, उनमें पूर्वी हिमालय सहित भारत में असम, सुमात्रा द्वीप, और वियतनाम शामिल हैं। अफ्रीका में मेडागास्कर और दक्षिण अफ्रीका का केप प्रांत शामिल है, जबकि दक्षिण अमरीका में कोलंबिया, पेरू और दक्षिणपूर्व ब्राजील शामिल हैं।

न्यू फाइटोलॉजिस्ट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पिछले साल क्यू शोधकर्ताओं द्वारा किए गए विश्लेषण का उपयोग किया गया था जिसमें पाया गया था कि सभी अनदेखे पौधों की तीन-चौथाई प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है।

ये नए डेटा वैज्ञानिकों को यह निर्धारित करने के लिए एक उपयोगी उपकरण देते हैं कि जैव विविधता के नुकसान को रोकने के लिए पौधों के संग्रह और संरक्षण की प्रथिमकत के महत्व को उजागर करता है।

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि अज्ञात प्रजातियाँ हर नज़रिए से महत्वपूर्ण है। इनमे भविष्य की दवाओं, ईंधन या अन्य नयी खोजों के सुराग मिल सकते हैं।

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