डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन का मूल्य इतिहास में पहली बार 125,000 डॉलर के पार पहुँच गया है। जो भारतीय रुपये में 1.11 करोड़ के बराबर है। इस साल की तेजी ने बिटकॉइन के मूल्य को 30% से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। बाजार के लोग इस चलन को ‘डीबेसमेंट ट्रेड’ कह रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का मूल्य अपने 17 साल के इतिहास में पहली बार 125,245 डॉलर तक पहुँच गया है, जो इतिहास का सर्वोच्च स्तर है। इसने 14 अगस्त को बने अपने पिछले रेकॉर्ड 1,24,514 डॉलर को तोड़ दिया। अमरीकी शेयर बाजारों में तेजी और बिटकॉइन से जुड़े ईटीएफ में नए निवेश आने से भी इसे मदद मिली।
बिटकॉइन के मूल्य होने वाली ऐतिहासिक वृद्धि ने इसे दुनिया की सातवीं सबसे मूल्यवान संपत्ति बना दिया है। इस इज़ाफ़े के साथ इसकी मार्केट वैल्यू ऐप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, सऊदी अरामको और सोने जैसी बड़ी संपत्तियों के करीब आ गई है। पिछले 7 दिनों में इसने करीब 15 फीसदी रिटर्न दिया है।
पिछले 24 घंटे और 7 दिनों में बिटकॉइन ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। यह रिटर्न ऐसे समय आया है जब एक बिटकॉइन की कीमत हाल ही में 1.11 लाख डॉलर के करीब आ गई थी। वहीँ 24 घंटे में बिटकॉइन का रिटर्न करीब 2 फीसदी रहा है। रिपोर्ट बताती हैं कि पिछले 7 दिनों में इसने करीब 15 फीसदी रिटर्न दिया है।
लोग इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं, इसलिए इसकी मांग बहुत बढ़ गई है। पिछले 7 दिनों में बिटकॉइन ने जबरदस्त रिटर्न दिया है। निवेशकों का मानना है कि बुधवार से शुरू हुआ सरकारी कामकाज का बंद होना, पैसे को सुरक्षित संपत्तियों की ओर धकेल सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को बिटकॉइन के मूल्य में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बिटकॉइन की कीमत में लगातार आठवें सत्र में वृद्धि दर्ज की गई, जिसे अमरीकी शेयर बाजार में हालिया तेजी और बिटकॉइन-आधारित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों में निवेश के बढ़ते चलन का समर्थन प्राप्त हुआ।
गौरतलब है कि बिटकॉइन के लिए आमतौर परअक्टूबर का महीना अच्छा रहता है। इस साल की तेजी ने बिटकॉइन के मूल्य को 30% से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। इसे ‘अपटूबर’ (Uptober) भी कहा जाता है। पिछले दस वर्षों में से नौ बार इस महीने में बिटकॉइन की कीमत में वृद्धि देखी गई है।














