भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर एक बार फिर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगा है। नोटिस क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा सरकारी फंड्स के कथित दुरुपयोग की जांच को लेकर दायर याचिकाओं पर जारी किया गया है।अब इस मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार को होगी।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बीसीसीआई को नोटिस जारी कर 12 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं पर जवाब मांगा है।बताया जा रहा है कि इस मामले के तार बीसीसीआई से जुड़े हैं। याचिकाओं में दावा किया गया है कि खिलाड़ियों को केले खिलाने के नाम पर ही 35 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
यह मामला उत्तराखंड क्रिकेट संघ (सीएयू) की 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर सामने आया है, जिसमें कई वित्तीय विसंगतियों की बात की गई है।एसोसिएशन में हुए 12 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है।
देहरादून के रहने वाले संजय रावत द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। कथित रूप से हुए करोड़ों रुपये के इस घोटाले को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और बीसीसीआई को नोटिस भेजा है।
याचिका में संजय रावत ने दावा किया है कि एसोसिएशन ने फंड का ऑडिट अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से न नकारकर बाहर के सीए से कराया है। ताकि गड़बड़ी से बचा जा सके।
रावत ने अब इस मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस पूरे मामले में मंगलवार को जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने सुनवाई की और इस पूरे मामले पर बीसीसीआई से जवाब मांगा है।
यह याचिका संजय राउत व अन्य ने हाईकोर्ट में दायर की थी, जिस पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ सुनवाई कर रही है। अगली सुनवाई शुक्रवार, 19 सितंबर को होगी।














