ऑस्ट्रियाई शहर ब्रौनौ एम इन में जिस घर में एडॉल्फ हिटलर का जन्म हुआ था, उसे पुलिस स्टेशन में बदल दिया गया है। आलोचकों का तर्क है कि इसका उपयोग बेहतर उद्देश्यों के लिए किया जा सकता था।

अभी तक इस ईमारत को एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल की हैसियत मिली हुई थी। इसे पुलिस स्टेशन में बदलने का निर्णय 19 नवंबर 2019 को लिया गया था। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, उस समय गृह मंत्री के आधिकारिक बयान में कहा गया था, “पुलिस द्वारा इस इमारत का भविष्य में उपयोग यह स्पष्ट संकेत देगा कि नाजियों के स्मारक के रूप में इस इमारत की भूमिका को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है।”
20 अप्रैल 1889 को जन्मे एडॉल्फ हिटलर ने अपनी शुरुआती ज़िंदगी का कुछ समय इसी घर में बिताया था। यह मकान शहर के बीच में एक पतली दुकानों वाली गली में है। इस घर के सामने लगे यादगार पत्थर पर लिखा है ‘शांति, आज़ादी और डेमोक्रेसी के लिए, फासीवाद फिर कभी नहीं, लाखों लोगों की मौत की चेतावनी।’
गौरतलब है कि हिटलर से जुड़े स्थल ऑस्ट्रिया में हुए नरसंहार की डरावनी यादें ताजा कर देते हैं, जिसमें नाज़ी शासन के वक़्त लगभग 65,000 ऑस्ट्रियाई यहूदियों को मार दिया गया था और 130,000 अन्य को निर्वासन के लिए मजबूर किया गया था। हिटलर ने 1938 में ऑस्ट्रिया पर कब्जा कर लिया और 1945 तक इसे नाज़ी शासन के अधीन रखा।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी में कहा गया है कि आर्किटेक्ट इस ईमारत के बाहर का आखिरी काम पूरा कर रहे हैं। वहीँ मिनिस्ट्री ऑफ़ इंटीरियर के मुताबिक, पुलिस ऑफिसर 2026 के दूसरे क्वार्टर में यहां शिफ्ट हो जाएंगे। ख़बरों में पता चला है कि एडॉल्फ हिटलर के जन्मस्थान को एक पुलिस स्टेशन बनाने में 24 मिलियन डॉलर की लागत आई है।
