प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज ज्येष्ठ माह के पहले ‘बड़े मंगल’ के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हनुमान सेतु मंदिर पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए। मंगलवार सुबह से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। शहर के बड़े मंदिरों पर होने वाली भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस द्वारा कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन भी किया गया है।
इस साल ज्येष्ठ का मलमास है। इस वजह से 8 बड़े मंगल होंगे। यह ऐतिहासिक है क्यूंकि 4 या 5 के बजाय कुल 8 बड़े मंगल आज यानि 5 मई से 23 जून तक पड़ रहे हैं। जिसका पहला भंडारा आज आयोजित किया जा रहा है। ज्येष्ठ माह के पहले ‘बढ़े मंगल’ पर हनुमान सेतु, अलीगंज और पुराने शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर भर में भक्ति का माहौल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस अवसर पर जिले में एक हज़ार से ज्यादा भंडारे लगाए जाएंगे। भंडारे के लिए नगर निगम में 348 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। नगर निगम इन भंडारों में निशुल्क पानी और सफाई-व्यवस्था कराएगा।
बताते चलें कि बड़े मंगल पर लगाए जाने वाले भंडारों के लिए नगर निगम की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। साथ ही नगर निगम के वन ऐप पर भंडारे का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान जारी किया गया है। यह सोमवार रात 12 बजे से लागू हैहोकर आयोजन खत्म होने तक रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, हनुमान सेतु और अलीगंज प्राचीन हनुमान मंदिर पर भक्तों की ज्यादा भीड़ होने के कारण वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है। साथ ही आईटीएमएस और सीसीटीवी के ज़रिए निगरानी की जाएगी।
बड़े मंगल के अवसर पर नगर निगम ने एडवाइजरी जारी की है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने आयोजकों से अपील की है कि वे भंडारा आयोजित करने से कम से कम 24 घंटे पहले नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 1533 पर सूचना जरूर दें। स्वच्छता से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। टोल-फ्री: 1533 मोबाइल: 9219902911, 9219902912, 9219902913, 9219902914 जलकल कंट्रोल रूम: 8177054100, 8177054010, 8177054003
बड़ा मंगल का इतिहास
लखनऊ के बड़े मंगल से जुड़ी कथा के अनुसार अवध के नवाब वाजिद अली शाह की बेगम हनुमानजी की भक्त थी और उन्हें सपने में एक बार हनुमान जी ने दर्शन दिए थे। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के अलीगंज में हनुमान जी का एक भव्य मंदिर भी बनवाया।
कहते हैं कि इस मंदिर के निर्माण के कुछ वर्ष बाद शहर में भयंकर महामारी फैल गई थी। इस महामारी से बचने के लिए अवध के नवाब की बेगम ने इस मंदिर में जाकर पूजा की थी। जिस दिन उन्होंने पूजा की थी उस दिन ज्येष्ठ मास का बड़ा मंगल था। तब यहां पहली बार बड़े मंगल पर बेगम ने भंडारा कराया था। तब से आज तक लखनऊ में बड़े मंगल पर भंडारा की परंपरा बरक़रार है।
एक अन्य पौराणिक कथा के मुताबिक़, मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था। कथाएं बताती है कि जिस दिन हनुमान जी को चिरंजीवी का वरदान मिला था उस दिन ज्येष्ठ मास का मंगलवार था। तभी से इस मंगल का विशेष महत्व माना गया है।