जनगणना-2027 के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया। यह सेंट्रलाइज वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। यह 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। इन्हें सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा बनाया गया है।

इस प्रक्रिया के तहत पहली बार लोग जनगणना करने वाले कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने से पहले सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन जनगणना में पूछे गए सवालों के जवाब भर सकेंगे। बाद में अधिकारी घर आकर इसका सत्यापन करेंगे। सभी जानकारी ठीक होने पर इसे ओके कर दिया जाएगा।
नागरिकों को स्व-गणना पोर्टल के तहत जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रक्रिया से न केवल जनगणना करने वाले कर्मचारियों का समय बचेगा बल्कि नागरिकों को भी इस सवालों के जवाब देने में सुविधा होगी।
मंत्रालय से मिली जानकारी में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केवल चार डिजिटल टूल्स सहित इसके लिए शुभंकर भी लांच किया है। इसमें महिलाओं के लिए ‘प्रगति’ नाम और पुरुषों के लिए ‘विकास’ नाम रखा गया है।
यह दोनों शुभंकर 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं और पुरुषों की बराबर की भागीदारी के भी प्रतीक हैं। इन शुभंकरों के माध्यम से जनगणना से संबंधित जानकारी, उद्देश्य और प्रमुख संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी और जन-सुलभ रूप में पहुंचाए जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, चार डिजिटल टूल्स में सीएमएमएस और स्व-गणना (SE) के अलावा दो हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब एप्लिकेशन और HLO मोबाइल एप्लिकेशन भी होगी। ये वेब-मैप एप्लिकेशन चार्ज अधिकारियों को उपग्रह तस्वीरों की सहायता से तकनीकी रूप से मकानों का रजिस्ट्रेशन करने, डेटा इकट्ठे करने और उन्हें अपलोड करने का काम करेगा।















