टोल कलेक्शन को वेरिफाई करने के लिए नेशनल हाईवे पर होगा एआई का प्रयोग- नितिन गडकरी

सरकार द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके गुजरने वाले वाहनों की संख्या और वर्गीकरण की स्वतंत्र रूप से निगरानी हेतु हाई-वेल्यू वाले टोल प्लाजा पर ऑडिट कैमरे लगाने पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज लोकसभा में दी।

टोल कलेक्शन को वेरिफाई करने के लिए नेशनल हाईवे पर होगा एआई का प्रयोग- नितिन गडकरी

परिवहन मंत्री ने डीएमके सांसद दयानिधि मारन के सवाल के जवाब में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कलेक्शन से संबंधित धोखाधड़ी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

नितिन गडकरी ने इस दौरान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में अत्रैला शिव गुलाम शुल्क प्लाजा मामले का जिक्र भी किया। जानकारी के मुताबिक़, यहाँ पूरा कैश वसूला गया था, जिसका कुछ हिस्सा शुल्क प्लाजा के टोल मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर के माध्यम से नहीं बल्कि एक अनधिकृत हैंडहेल्ड मशीन के माध्यम से संसाधित किए जाने की खबर है।

परिवहन मंत्री ने आगे कहा कि इस घटना से सीखते हुए एनएचएआई का लक्ष्य अमान्य/गैर फास्टैग वाहनों से केश कलेक्शन प्रक्रिया को मजबूत करना है। साथ ही उन्होंने शुल्क प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की गिनती पर सख्ती से नजर रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी पर विचार किए जाने की भी बात कही। जिससे टोल प्लाजा पर प्राप्त रसीदों से उसका मिलान किया जा सके।

अपने जवाब में नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि 98 प्रतिशत से अधिक यूजर्स फीस कलेक्शन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) कार्यक्रम के तहत फास्टैग के माध्यम से होता है।

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के संबंध में उन्होंने बताया कि यह सिस्टम सिर्फ फास्टैग के जरिए यूजर्स फीस कलेक्शन को सक्षम बनाता है। अमान्य/गैर-फास्टैग वाहनों के लिए ई-नोटिस प्रस्तावित हैं, जिससे टोल कलेक्शन प्रोसेस से कैश कलेक्शन समाप्त हो जाता है।

गौरतलब है कि इस लेन-देन में एक ट्रांसपेरेंट प्रोसेस सम्मिलित है, जिसमें काटी गई यूजर फीस यानी टोल की जानकारी राजमार्ग यूजर्स को दी जाती है और इसे एक सेंट्रल रिपॉजिटरी में रिकॉर्ड किया जाता है।

जानकारी के मुताबिक़ इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को इस तरह से निर्मित किया गया है कि कोई भी फास्टैग लेनदेन तीनों हितधारकों – यूजर्स फीस प्लाजा पर अधिग्रहणकर्ता बैंक, एनपीसीआई और जारीकर्ता बैंक की भागीदारी के बिना नहीं हो सकता है।

आगे उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने यूजर फीस प्लाजा संचालन की 24X7 निगरानी करने और यूजर फीस प्लाजा पर होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करने के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर्स की नियुक्ति की है।

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