ईरान युद्ध पर 29 बिलियन डॉलर खर्च के बाद यूएस रक्षा सचिव ने मांगे 1.5 ट्रिलियन डॉलर

संयुक्त राष्ट्र और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने यूएस की अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है। यूएस के रक्षा सचिव पैट हेगसेथ ने एक बार फिर कांग्रेस से रक्षा खर्च के लिए और 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग भी की है। इस बारे में उनका कहना है कि यूएस को दुनिया की सबसे असरदार मिलिट्री फोर्स बनाए रखने के लिए इस बजट की ज़रूरत है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र ने पिछले 74 दिनों में ईरान के खिलाफ युद्ध पर कम से कम 29 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं, जबकि यह रकम सिर्फ हथियारों और मिलिट्री इक्विपमेंट पर खर्च की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मिलिट्री बेस को होने वाले संभावित नुकसान को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

यूएस के रक्षा सचिव पैट हेगसेथ द्वारा एक बार फिर कांग्रेस से रक्षा खर्च के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग भी इस समय सुर्ख़ियों में है। इस बारे में उनका कहना है कि यूएस को दुनिया की सबसे असरदार मिलिट्री फोर्स बनाए रखने के लिए इस बजट की ज़रूरत है।

डेमोक्रेट्स और युद्ध के अन्य आलोचकों ने पेंटागन के हिसाब-किताब पर सवाल उठाए हैं, और कहा है कि इसकी असली कीमत – जिसमें ईरान द्वारा पहुँचाया गया नुकसान भी शामिल है – कहीं ज़्यादा हो सकती है।

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस को इसका पूरा हिसाब कब मिलेगा, तो हेगसेथ ने कहा कि प्रशासन पेंटागन के बजट से अलग, “हमें जो भी ज़रूरी लगेगा,” उसकी मांग करेगा, लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिपब्लिकन सदस्य काफी हद तक इस मांग के पक्ष में हैं, लेकिन डेमोक्रेट्स ने इस पर कड़े सवाल उठाए हैं। इस बीच, रॉयटर्स की एक नई खबर ने भी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्वे के मुताबिक, गैस की बढ़ती कीमतों की वजह से दो-तिहाई अमरीकी फाइनेंशियल दबाव में हैं, जबकि इतने ही लोगों ने कहा कि वे ईरान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के इरादों को लेकर पक्का नहीं हैं।

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ व्यवहार करते समय वह अमरीकियों और उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में ‘नहीं सोचते’। आगे उन्होंने कहा, ‘मैं किसी के बारे में नहीं सोचता। मैं सिर्फ एक बात सोचता हूँ, हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते, बस इतना ही।’ ट्रंप ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिखर सम्मेलन के लिए चीन रवाना होने से पहले पत्रकारों से यह बात कही।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अमरीकियों पर युद्ध के आर्थिक बोझ पर विचार कर रहे हैं, तो ट्ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ‘अब तक की सबसे महत्वपूर्ण बात है।’

वहीँ खबर है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को 500 किलोमीटर का ‘ऑपरेशन जोन’ बताया है। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि अब होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि 500 किलोमीटर तक फैला ऑपरेशन एरिया माना जाएगा।

दूसरी ओर, पैट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि अमरीका के पास अभी भी कई मिलिट्री ऑप्शन हैं, जिसमें तनाव को और बढ़ाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ मौजूदा सीज़फ़ायर लाइफ़ सपोर्ट पर है और हालात कभी भी फिर से बिगड़ सकते हैं।

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