वकीलों की टीम ने मंत्रालय पहुंचकर नोरा फतेही का वर्क परमिट रद्द करने और उन्हें डिपोर्ट किए जाने की मांग रखी

इन दिनों नोरा फतेही की मुश्‍कि‍लें कम होने का नाम नहीं ले रही। उनका ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने को केंद्र सरकार ने बैन कर दिया है। मह‍िला आयोग और सेंसर बोर्ड ने भी इस पर एक्‍शन लिया है। वकीलों ने यह भी कहा कि एआई टूल्स के इस्तेमाल से लोगों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।

इस से जुड़े नए डेवलपमेंट की मानें तो खबर आ रही है कि, वकीलों की एक टीम ने गृह मंत्रालय से कनाडाई मूल की नोरा के वर्क परमिट को रद्द करने और उन्‍हें ड‍िपोर्ट करने की मांग की है। वहीँ अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने नोरा फतेही के खिलाफ फतवा जारी कर दिया। इस संस्था ने गाने के कंटेंट को आपत्तिजनक और इस्लामी उसूलों के खिलाफ माना है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही कनाडा मूल की हैं। उनकी कन्‍नड़ फिल्‍म ‘KD Devil’ में उनके गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर ख़ासा बवाल मचा हुआ है। इस गाने के हिंदी वर्जन में बेहद अश्‍लील बोल हैं, जिसको लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त पब्लिक के निशाने पर हैं। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, दस वकीलों के एक ग्रुप ने गृह मंत्रालय से संपर्क करने के बाद नोरा फतेही का वर्क परमिट रद्द करने की मांग की है। इन वकीलों ने नोरा फतेही को भारत से डिपोर्ट किए जाने की भी मांग की है।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने को बैन कर दिया है। राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। जबकि गीतकार रकीब आलम ने डायरेक्‍टर पर सारा इलज़ाम लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि डायरेक्‍टर प्रेम ने कन्‍नड़ गीत का ही जबरन वर्ड-टू-वर्ड ट्रांसलेशन करवाया है।

नोरा फतेही के ख‍िलाफ गृह मंत्रालय सहित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फ‍िल्म सर्टिफ‍िकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग शामिल को भी श‍िकायत दी गई है। याचिका में वकीलों ने आरोप लगाया है कि यह गाना ‘बेहद अश्लील’ है, यौन रूप से उत्तेजक है, और सार्वजनिक नैतिकता के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा के लिए भी अपमानजनक है।

वकीलों द्वारा याचिका में विदेशी अधिनियम, 1946 के प्रावधानों का भी हवाला दिया है। कहा है कि सरकार के पास उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है, जिनके काम सार्वजनिक शालीनता या व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, के साथ-साथ अन्य कानूनी प्रावधानों का भी हवाला दिया।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि यह गाना अश्लीलता को बढ़ावा देता है। महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम-1986 के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 शामिल हैं। इस गाने से कई कानूनों के उल्लंघन की बात करते हुए वकीलों ने तर्क दिया कि इस तरह के चित्रण महिलाओं को एक वस्तु के रूप में पेश करते हैं, और समाज में मौजूद गलत धारणाओं को और मजबूत करते हैं।

दूसरी तरफ ऑनलाइन ट्रोलिंग परजवाब देते हुए नोरा फतेही ने कहा था कि उन्हें गाने के बोल के अर्थ के बारे में पता नहीं था, क्योंकि उन्होंने यह गाना कन्नड़ भाषा में किया था। जबकि मेकर्स ने बाद में इसे हिंदी ट्रांसलेटेड वर्जन में भी रिलीज किया, जिसके बारे में उन्‍हें जानकारी नहीं थी।

इंस्‍टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए नोरा का कहना है कि, उन्होंने यह गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। उन्होंने इसके लिए हां कह दिया था, क्योंकि यह एक बड़ी फिल्म का हिस्सा था और इसमें संजय दत्त भी थे।

नोरा फतेही ने आगे कहा, ‘मुझे कन्नड़ नहीं आती, इसलिए मैं उनकी कही बातों पर ही भरोसा करती हूं। उन्होंने अभी जो कुछ भी किया है, जैसे इसे हिंदी में डब करना और इसके बोल बदलना, उसके लिए उन्होंने मुझसे कोई मंजूरी नहीं ली। मुझे इस बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *