अच्छी नींद दिल की सेहत का एक अनदेखा पहलू है, जो न केवल शरीर को रीसेट करता है बल्कि दिल को मज़बूत और स्वस्थ भी रखता है, फिर भी लोग इसे वैकल्पिक मानते हैं और काम, सोशल मीडिया और देर रात तक चलने वाली सक्रियताओं की खातिर इसे त्याग देते हैं।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 7 घंटे से सिर्फ़ एक घंटा कम सोने से हृदय रोग का खतरा 11% बढ़ जाता है। हृदय रोग विशेषज्ञों ने हृदय स्वास्थ्य के बारे में सबसे अनदेखे रहस्य की जानकारी देते हुए इस पर रौशनी डालते हैं। उनके मुताबिक़ आराम भरी नींद ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन की रफ़्तार को स्वाभाविक रूप से कम करने में मदद करता है।
जानकार कहते हैं कि हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नींद हृदय प्रणाली के लिए एक रीसेट बटन की तरह काम करती है, जो स्वाभाविक रूप से रक्तचाप को कम करती है, हृदय गति को धीमा करती है और शरीर को किसी भी चोट, तनाव और मांसपेशियों की मरम्मत करने में मदद करती है।
नींद मानव शरीर को दिन भर की थकान और तनाव से मुक्त करती है। अच्छी नींद मेलाटोनिन, कोर्टिसोल और एंटीडाययूरेटिक हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करती है, जो रक्त वाहिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने, उच्च रक्तचाप को कम करने, हृदय पर अत्यधिक तनाव को नियंत्रित करने और लंबे समय में हृदय को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
खराब नींद के क्या खतरे हैं?
नींद की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे हृदय प्रणाली पर दबाव पड़ता है। नींद की कमी शरीर को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित करती है, जिससे शरीर थका हुआ और उनींदा महसूस करता है और हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
नींद से जुड़ा हुआ है अच्छा रूटीन
एक अच्छा रूटीन भी नींद से जुड़ा हुआ है इसके लिए हर दिन एक ही समय पर सोना और जागना भी सेहत के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है। साथ ही आहार में फल, हरी सब्ज़ियाँ और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें, स्क्रीन देखने का समय सीमित करें, बेहतर पाचन और आरामदायक नींद के लिए सोने से पहले भारी भोजन से बचें, अपनी गतिविधियों की योजना बनाएँ और तनाव कम करने के लिए विश्राम तकनीकें आज़माएँ, दिन में पर्याप्त धूप लेने की कोशिश करें, सुबह या थोड़ी देर टहलने जाएँ, बेहतर रक्त संचार के लिए रोज़ाना व्यायाम करें, सोने से कुछ घंटे पहले व्यायाम न करने का प्रयास करें, तनाव कम करने के लिए अगले दिन की गतिविधियों की योजना बनाएँ, बेहतर और निर्बाध नींद के लिए पुरुष प्रोस्टेट समस्याओं का इलाज करें, सोने से पहले ज़्यादा पानी न पिएँ, अपने शयनकक्ष को ठंडा, अंधेरा और शांत रखें और आरामदायक और साफ़ बिस्तर बिछाएँ।











