अमरीकी अपीलीय न्यायालय ने राष्ट्रपति ट्रंप के ज़्यादातर टैरिफ़ को अवैध ठहराया है। इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अमरीकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है।

राष्ट्रपति ट्रंप को टैरिफ मामले में बड़ा झटका लगा है। अमरीकी अपील कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दे दिया है। शुक्रवार को अमरीका की एक संघीय अपील अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए अधिकतर शुल्क यानी टैरिफ अवैध हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का कहना है कि अमरीकी अदालत के इस फैसले को ट्रंप की व्यापार नीति पर सीधा हमला माना जा रहा है और अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में टैरिफ को विदेश नीति का अहम हथियार बनाया है। उनका मानना है कि इससे व्यापारिक साझेदार देशों पर दबाव डालते हुए नए समझौते किए जा सकते हैं।
दूसरी तरफ इस टैरिफ की वजह से अमरीका की भारत सहित कई देशों से तकरार भी बढ़ी है। इन टैरिफ की वजह से जहां उनकी सरकार को कुछ आर्थिक रियायतें मिलीं, वहीं वैश्विक वित्तीय बाजार में अनिश्चितता भी बढ़ गई है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अदालत का फ़ैसला अमरीका को बर्बाद कर देगा। जबकि कोर्ट कह रहा है कि कानून राष्ट्रपति को आपातकालीन स्थिति में कई कदम उठाने की शक्ति देता है, लेकिन इसमें कहीं भी टैरिफ या टैक्स लगाने की शक्ति का ज़िक्र नहीं है। अदालत ने आगे यह भी कहा कि ट्रंप इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अदालत ने ट्रंप प्रशासन को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का अवसर देते हुए कहा है कि टैरिफ को 14 अक्टूबर तक लागू रहने दिया जाए।
गौरतलब है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में इस साल ट्रंप की पूरी आर्थिक नीति पर एक अभूतपूर्व कानूनी टकराव के हालात बन गए हैं।
अदालत के फैसले पर दुख जताते हुए ट्रंप ने इसे अत्यधिक पक्षपातपूर्ण बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा- ‘अगर ये टैरिफ कभी हटा दिए गए तो यह देश के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा।’ साथ ही उन्होंने फैसले को पलटने की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टैरिफ सुप्रीम कोर्ट की मदद से देश के लिए फायदेमंद होंगे।
बताते चलें कि अमरीकी अपील कोर्ट के 7-4 के बहुमत वाले फैसले में ट्रंप की ओर से अप्रैल में अपने ट्रेड वॉर के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ और फरवरी में चीन, कनाडा और मेक्सिको पर लगाए गए अलग-अलग टैरिफ की वैधता पर विचार किया गया। ऐसे में सभी की निगाह डोनाल्ड ट्रंप है कि वह कब इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे और मामले में क्या फैसला सामने आएगा।
