सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफार्म के कंटेंट पर सख्त नज़र के साथ सरकार ने जारी की गाइडलाइन

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया तथा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें अश्लील कंटेंट पर सख्ती बरतने की बात कही गई है। साथ ही कोर्ट ने सरकार को यूट्यूब कंटेंट के लिए नियामक योजना बनाने का सुझाव दिया है।

सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफार्म के कंटेंट पर सख्त नज़र के साथ सरकार ने जारी की गाइडलाइन

सूचना प्रौद्योगिकी (डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के हवाले से इंडियाज़ गॉट टैलेंट विवाद में भारतीय कानूनों और आचार संहिता के पालन पर जोर दिया गया है।

जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह तथा जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि अगर सरकार यूट्यूब कंटेंट के लिए कोई नियामक योजना बना रही है तो वे इस फैसले से ‘बेहद प्रसन्न’ होंगे।

अधिसूचना में इस बात का ज़िक्र भी किया गया कि पोर्नोग्राफिक कंटेंट का प्रकाशन भारतीय कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें अश्लील प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1986, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, POCSO अधिनियम, और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 शामिल हैं।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अल्लाहबादिया के विवादित बयान पर नाराजगी जताई है मगर उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है। गौरतलब है कि यह विवाद पॉडकास्टर इंडियाज़ गॉट टैलेंट के एक एपिसोड में उस समय सामने आया जब रणवीर अल्लाहबादिया ने एक अश्लील टिप्पणी का सहारा लिया। यूट्यूब पर प्रसारित इस एपिसोड किको बाद में सरकार ने हटाने का आदेश दिया।

मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कुछ ऐसे अश्लील, पोर्नोग्राफिक और अभद्र कंटेंट की शिकायतें मिलने की बात कही है जिन्हे जिनका प्रसारण सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के प्रकाशकों द्वारा किया जा रहा है।

मंत्रालय का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ऐसा कोई कंटेंट प्रसारित नहीं करना चाहिए जो कानून द्वारा प्रतिबंधित हो। साथ ही आयु-आधारित वर्गीकरण लागू करने की बात कही गई है।

अपने सुझाव में मंत्रालय का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ‘A’ रेटेड कंटेंट तक बच्चों की पहुंच रोकने के लिए एक्सेस कंट्रोल मैकेनिज्म अपनाते हुए आवश्यक सतर्कता बरतनी चाहिए।

दिए गए निर्देश में कोर्ट का कहना है कि रणवीर अल्लाहबादिया पूरी जांच में सहयोग करना होगा। इसके अलावा उन्हें किसी अन्य शो में हिस्सा लेने की भी मनादि की गई है। रणवीर को अपना पासपोर्ट पुलिस को सौंपना होगा और कोर्ट की अनुमति के बग़ैर वह देश नहीं छोड़ सकते हैं।

मामले के हवाले से बताते चलें कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब रणवीर अल्लाहबादियाने शो के जज के रूप में एक कंटेस्टेंट से बेहूदा सवाल किया। उनके सवाल पर हंसते हुए समय रैना और अपूर्वा मुखीजा ने भी अभद्र भाषा का उपयोग किया।

इस कंटेंट पर सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश देखने को मिला और नेटिजन्स ने इसे ऑनलाइन अश्लीलता को बढ़ावा देने वाला बताया।

सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के बाद अब ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है। हालाँकि इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है।

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