हिट एंड रन मामले में आईपीसी ने कठोर किया कानून

अब सड़क दुर्घटना के बाद वाहन चालक के लिए मौके से फरार होना उसे समस्या में डाल सकता है। किसी की लापरवाही वहां चालक के कारण यदि मृत्यु का मामला होता है तो भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत ‘लापरवाही’ के कारण होने वाली मौत की सजा में इज़ाफ़ा कर दिया गया है।

हिट एंड रन केस आईपीसी ने कठोर किया कानून

अभी तक इन परिस्थितियों में लापरवाही या फिर जल्दबाजी के कारण होने वाली दुर्घटना में मौत हो जाने पर 2 साल की कैद अथवा जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान था। अब बदलाव के साथ न्यूनतम सात साल कैद और जुर्माना भी देने का प्रावधान किया गया है।

गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाले अपराध में यदि आरोपी घटना स्थल से फरार हो जाता है या घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को घटना की रिपोर्ट नहीं करता है, तो दोनों ही दशाओं में उसे कैद और नगद जुर्माना दोनों से दंडित किया जाएगा। कैद की अवधि दस वर्ष तक हो सकती है।

भारतीय न्याय संहिता 2023 में आपराधिक कानून में बदलाव के अंतरगत अगर किसी वाहन चालक की लापरवाही से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो ऐसे में आरोपी के लिए छूटना आसान नहीं होगा।

आईपीसी की धारा 104 के तहत लापरवाही से मौत या फिर जल्दबाजी अथवा लापरवाही से हुई मौत के अपराध में अभी तक 2 वर्ष की कैद या जुर्माना जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान था। जिसमे सुधार के साथ अब इस नियम को और भी सख्त बना दिया गया है।

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