गोरक्षक विवाद पर बीजेपी ने अपने सांसदों को चेताया, विरोधियों के जाल में न फंसें

 

नई दिल्ली। कथित गोरक्षकों द्वारा दलितों और मुसलमानों पर किए जा रहे अत्याचार को लेकर आलोचना का शिकार हो रही केंद्र सरकार ने इससे निपटने की कोशिश शुरू कर दी है। पहले पीएम मोदी ने ऐसी घटनाओं पर निशाना साधा, अब पार्टी ने भी अपने सांसदों को चेताया है कि ऐसे लोगों के जाल में न फंसें जो सरकार को बदनाम करना चाहते हैं।

BJP-1बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस संबंध में बातें कहीं। अरुण जेटली ने गोरक्षा के किसी खास मसले का बिना जिक्र किए हुए कहा कि सरकार कई सारे अच्छे काम कर रही है, लेकिन सरकार की छवि खराब करने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं। इसी कवायद के तहत केंद्र ने राज्यों को परामर्श जारी किया है। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी परामर्श में राज्यों को कहा गया है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करें, जो गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लेते हैं। केंद्र ने कहा है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।  बीजेपी के कुछ सांसदों जैसे साध्वी निरंजन ज्योति और साक्षी महाराज ने कई बार विवादित बयान देकर अपनी ही सरकार की फजीहत कराई है। ऐसे में पीएम मोदी और अध्यक्ष अमित शाह को भी अपने पार्टी के लोगों को नियंत्रण में रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।  गौरतलब है कि इससे पहले पीएम मोदी ने अपनी पहली टाउन हॉल मीटिंग में कथित गोरक्षकों के खिलाफ गुस्से का इजहार किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग गोरक्षा की आड़ ले रहे हैं। इसके अगले ही दिन पीएम ने तेलंगाना में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि मेरे दलित भाइयों को कुछ मत करो, मारना है, तो मुझे गोली मारो।

हालांकि विपक्ष पीएम के बयानों से संतुष्ट नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि पीएम केवल बातें कर रहे हैं, कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। पिछले दिनों गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे सूबों में गौरक्षा के नाम पर दलितों और मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार के मामले सामने आए हैं।

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