सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात यमन को बांटने की चेष्टा में हैंः यमनी प्रधानमंत्री

अब्दुल अज़ीज़ ने इसी प्रकार ईरान द्वारा मिसाइल दिये जाने पर आधारित सऊदी अरब और अमेरिका के दावे को रद्द कर दिया और कहा कि यमनियों को किसी प्रकार का कोई मिसाइल ईरान से नहीं मिला है।

यमनी प्रधानमंत्री ने कहा है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात यमन को दो भागों में बांटने और उसे अपने में विलय करने की चेष्टा में हैं।

समाचार एजेन्सी फार्स के अनुसार अब्दुल अज़ीज़ बिन हब्तूर ने कहा कि सऊदी अरब ने उत्तरी यमन और संयुक्त अरब इमारात ने दक्षिणी यमन पर लोभ की दृष्टि लगा रखी है।

उन्होंने यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत इस्माईल वल्द शैख़ के कार्य के बारे में कहा कि उन्हें फैसला लेने का किसी प्रकार का अधिकार नहीं था और वह जो कुछ रिपोर्ट पेश करते थे वह वही होती थी जो अतिक्रमणकारी देश कहते थे।

 

अब्दुल अज़ीज़ ने इसी प्रकार ईरान द्वारा मिसाइल दिये जाने पर आधारित सऊदी अरब और अमेरिका के दावे को रद्द कर दिया और कहा कि यमनियों को किसी प्रकार का कोई मिसाइल ईरान से नहीं मिला है।

ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने अमेरिका और संयुक्त अरब इमारात के समर्थन से 26 मार्च 2015 से यमन पर हमला आरंभ किया था जो अब तक जारी है।

 

इसी प्रकार सऊदी अरब ने यमन का जमीनी, समुद्री और हवाई परिवेष्टन कर रखा है और खाद्य पदार्थों एवं दवाओं तक को यमन में नहीं जाने दे रहा है जिसके कारण यमनी जनता को भारी कठिनाइयों का सामना है।

सऊदी अरब के पाश्विक हमलों में अब तक 13 हज़ार से अधिक यमनी मारे जा चुके हैं जिनमें ध्यान योग्य संख्या महिलाओं और बच्चों की है।

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