Surgical strikes : एलओसी के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई आंखों देखी, तड़के ट्रकों से ले जाई गईं लाशें

जम्मू। लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पार रहने वाले कुछ ऐसे लोग सामने आए जिनका दावा है कि उन्होंने बॉर्डर पार भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की गतिविधियों या फिर उसके नतीजों को देखा। उन लोगों ने बताया कि कैसे 29 सितंबर की सुबह-सुबह ही मारे गए लोगों को ट्रकों में भरकर जलाने के लिए ले जाया गया। कुछ चश्मदीदों ने यह भी बताया कि उन्हें वहां पर भारी गोलाबारी भी सुनाई दी थी जिसने आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया था। हालांकि, उन लोगों का मानना है कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों को उतना नुकसान नहीं हुआ जितना की इंडियन आर्मी और अबतक मीडिया द्वारा बताया जा रहा है। चश्मदीदों का मानना है कि मारे गए आतंकियों की संख्या 38 से कम होगी और नुकसान भी बहुत कम हुआ होगा। दरअसल, उन चश्मदीदों के कुछ रिश्तेदार भारत की तरफ रहते हैं। उनकी मदद से ही इंडियन एक्सप्रेस उनसे बात करने में सक्षम हुआ। चश्मदीदों ने उन जगहों का भी जिक्र किया जहां पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई थीं। इंडियन एक्सप्रेस ने कुल पांच लोगों ने इस बारे में बात की। surgical strikes

 चश्मदीद

क्या कहा चश्मदीदों ने surgical strikes

चश्मदीदों में से दो लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक को सबसे करीब से महसूस करने की बात कही। वे दोनों दुदनैल में मौजूद थे। यह जगह LOC से 4 किलोमीटर अंदर (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ) है। चश्मदीदों ने बताया कि वहां अल-हवाई नाम का एक पुल है। उसके पास बनी एक बिल्डिंग को नष्ट किया गया था। चश्मदीदों के मुताबिक, उस जगह से ही आतंकी सामान लेकर भारत की तरफ दाखिल होने के लिए निकलते थे। चश्मदीदों ने बताया कि 5 या 6 शवों को सुबह ट्रक में भरकर ले जाया गया था। चश्मदीदों को लगता है कि शायद उन्हें पास ही के बड़े लश्कर कैंप में ले जाया गया होगा। वह कैंप चलाना में है। चलाना में ही एक मस्जिद भी है जिसमें उस सुबह, रात को मारे गए लोगों का बदला लेने की बात भी कही गई थी। चश्मदीद के मुताबिक मस्जिद में जमा लोग पाकिस्तान आर्मी को हमले के लिए जिम्मेदार बता रहे थे। वे लोग यह भी कह रहे थे कि आने वाले वक्त में भारत को जवाब दिया जाएगा जिसे भारत कभी नहीं भूलेगा। surgical strikes

एक चश्मदीद ने बताया कि इंडियन आर्मी ने खैराती बाग के पास बनी एक तीन मंजिला बिल्डिंग को भी नष्ट किया था। 2003 तक वहां से लश्कर का बड़ा कैंप चलता था। चश्मदीद ने बताया कि वहां 3-4 लोग मारे गए थे। साथ ही साथ एक चश्मदीद ने नीलम जिले में बने एक हॉस्पिटल में भी लोगों को सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात करते हुए सुना था। लेकिन वहां मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के बारे में कुछ पता नहीं लगा।

# surgical strikes

http://www.naqeebnews.com

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *