सिरदर्द हो या माइग्रेन। सिर में दर्द दोनों दशा में झेलना पड़ता है। हालाँकि दोनों में ही फ़र्क़ है और इसके लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। सिरदर्द और माइग्रेन का जो सबसे बड़ा अंतर् है वह यह कि आम सिरदर्द एक लक्षण है, जबकि माइग्रेन नर्वस सिस्टम से जुड़ी एक मेडिकल कंडीशन है। इसमें सिरदर्द के बार-बार अटैक आ सकते हैं। इसके अलावा जी मिचलाना, उल्टी और रोशनी या आवाज़ से सेंसिटिविटी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, दर्द का नेचर, समय और साथ के लक्षणों को समझने से आम सिरदर्द और माइग्रेन में फ़र्क करने में मदद मिल सकती है। माइग्रेन और आम सिरदर्द में मुख्य अंतर-
आम सिरदर्द में आमतौर पर दबाव, तनाव या हल्का दर्द महसूस होता है, जबकि माइग्रेन में धड़कन वाला दर्द, जी मिचलाना, रोशनी, आवाज़ और शारीरिक गतिविधि के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है, लेकिन दोनों के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ़ एक लक्षण के आधार पर खुद से डायग्नोसिस करने से बचना चाहिए।
दर्द सिर के किस हिस्से में होता है
आमतौर पर टेंशन की वजह से होने वाला सिरदर्द पूरे सिर में दबाव, खिंचाव या हल्के दर्द के रूप में महसूस हो सकता है और यह सिर के दोनों तरफ़ भी हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, माइग्रेन का दर्द आमतौर पर धड़कन जैसा महसूस होता है और अक्सर सिर के एक तरफ़ होता है, हालांकि कुछ लोगों को सिर के दोनों तरफ़ भी दर्द हो सकता है। सिर के एक तरफ दर्द होना माइग्रेन का लक्षण हो सकता है, लेकिन सिर्फ़ इसी आधार पर माइग्रेन का पता नहीं लगाया जा सकता।
दर्द कैसा होता है
तनाव वाले सिरदर्द में ऐसा महसूस हो सकता है कि सिर के चारों ओर दबाव है या कोई चीज़ सिर को जकड़ रही है। इसके उलट, माइग्रेन का दर्द मध्यम से गंभीर हो सकता है और चलने या सीढ़ियाँ चढ़ने जैसी सामान्य शारीरिक गतिविधियों से बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि माइग्रेन सिर्फ़ सिरदर्द तक ही सीमित नहीं है। इससे कई और समस्याएं शामिल होती जाती हैं, जैसे- जी मिचलाना और उल्टी भी हो सकती है, जबकि तेज़ रोशनी और तेज़ आवाज़ें बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है। इसे पहचानने का एक सबसे महत्वपूर्ण लक्षण यह है कि सिरदर्द के दौरान अंधेरे और शांत कमरे में लेटने की इच्छा माइग्रेन की ओर संकेत देती है।
सिरदर्द और माइग्रेन कितने समय तक रहता है
एक आम टेंशन वाला सिरदर्द 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक रह सकता है। इसके उलट, माइग्रेन का अटैक बहुत लंबे समय तक रह सकता है, बिना इलाज के माइग्रेन 4 से 72 घंटे तक रह सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, माइग्रेन के दौरान दर्द की तीव्रता ऊपर-नीचे हो सकती है और यह ज़रूरी नहीं कि पूरे समय एक जैसी रहे। माइग्रेन ऑरा क्या है?कुछ माइग्रेन से पीड़ित लोगों को सिरदर्द से पहले या उसके दौरान खास न्यूरोलॉजिकल लक्षण महसूस होते हैं, जिन्हें ऑरा कहते हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि हर माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति को ऑरा के लक्षण महसूस नहीं होते हैं, इसलिए इन लक्षणों का न होना माइग्रेन की संभावना को खत्म नहीं करता है।
इन लक्षणों में आंखों के सामने चमकती रोशनी दिखना, आंखों के कुछ हिस्सों में लहरदार लाइनें या काले धब्बे दिखना, हाथों या शरीर के कुछ हिस्सों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना और बोलने में दिक्कत होना शामिल है। वहीँ नज़र में बदलाव या दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को अपने आप माइग्रेन नहीं मानना चाहिए, उनका कारण जानने के लिए मेडिकल जांच की ज़रूरत हो सकती है।
डॉक्टर से कब लें सलाह
अगर सिरदर्द बार-बार हो, तेज़ हो, नॉर्मल सिरदर्द से अचानक अलग लगे या रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डालने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। हर बार पेनकिलर लेने के बजाय सिरदर्द की असली वजह का पता लगाना भी बेहद ज़रूरी है।
ध्यान रहे कि अगर अचानक अपनी ज़िंदगी का सबसे तेज़ सिरदर्द हो, या शरीर के एक तरफ कमज़ोरी महसूस हो, अचानक बोलने में दिक्कत हो, बेहोशी हो, या नए न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ऐसे लक्षणों को माइग्रेन समझकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।