खास कॉमिक अंदाज में अभिनय करने वाले कलाकार मुश्ताक खान का गुरुवार शाम निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। मुश्ताक़ लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे रहे थे। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, जुमे की नमाज के बाद जनाजे की नमाज अदा की गई और यारी रोड कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मुश्ताक खान के बिजनेस पार्टनर शिवम से मिली जानकारी के अनुसार अभिनेता को करीब पांच साल पहले कैंसर की जानकारी मिली थी। इलाज के बाद वे ठीक भी हो गए थे। हालांकि, करीब आठ दिन पहले बीमारी ने दोबारा उन्हें चपेट में ले लिया। उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहाँ मालूम हुआ कि इस बार बीमारी आखिरी स्टेज में पहुंच चुकी थी। गुरुवार शाम करीब 7 बजे उनका निधन हो गया।
मुश्ताक खान का जन्म 25 नवंबर 1950 को हुआ था। वर्ष 1980 में फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने चरित्र अभिनेता के तौर पर फिल्मों में लगातार काम किया और चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में नजर आए।
उनकी यादगार फिल्मों की बात जाए तो ‘आशिकी’, ‘सड़क’, ‘साथी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘मेजर साब’ और ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘आशिकी’ में दर्जी रफू मास्टर और ‘हम हैं राही प्यार के’ में भगवती प्रसाद मिश्रा के किरदार ने भी उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। साल 2007 में आई ‘वेलकम’ ने उनकी लोकप्रियता को एक अलग मुकाम दिया। फिल्म में बल्लू के किरदार और उनके कॉमिक अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में वे ‘वेलकम बैक’, ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ समेत कई फिल्मों में दिखाई दिए।
मुश्ताक खान ने टेलीविजन पर भी काम किया। वे ‘अदालत’, ‘चाचा चौधरी’, ‘टेढ़े-मेढ़े सपने’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे टीवी शो का हिस्सा रहे। हाल के वर्षों में भी वे लगातार सक्रिय रहे और फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं निभाते रहे।
मुश्ताक खानके परिवार में पत्नी सलमा खान, दो बेटे और एक बेटी हैं। उनके बड़े बेटे मोहम्मद अरशद खान ने फिल्म इंडस्ट्री से अलग अपना करियर बनाया है, जबकि छोटे बेटे मोहसिन खान फिल्म जगत से जुड़े हैं। मोहसिन अभिनेता नहीं बल्कि निर्देशक और निर्माता हैं। उन्होंने मराठी फिल्म ‘डिलीवरी बॉय’ का निर्देशन किया था।