एसआइआर मामले में चुनाव आयोग को दस महीनों में 14 बार आपत्ति की रिपोर्ट से बढ़े विवाद के बाद अब विपक्षी दलों ने देशव्यापी प्रदर्शन का रास्ता चुना है। सपा, आरजेडी और टीएमसी सहित विपक्षी दलों ने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन में आज कांग्रेस कार्यकर्ता देशभर में राज्य चुनाव आयोग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन और मार्च निकालेंगे। पार्टी ने अपनी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मुख्य मांग के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई और उनके कार्यकाल में हुए चुनावी फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कांग्रेस मध्य प्रदेश, असम, दिल्ली और पंजाब सहित कई प्रदेशों में आज प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का कार्यक्रम है। पंजाब में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के नेतृत्व में प्रदर्शन होगा। भारतीय युवा कांग्रेस भी दोपहर एक बजे चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि, विपक्षी दलों ने राहुल गांधी के बयानों का समर्थन किया है।बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने भी आज सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाने का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी और टीएमसी सहित कई विपक्षी दलों ने भी राहुल गांधी के बयानों का समर्थन किया है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर वामपंथी दलों सीपीआई(एम), सीपीआई, सीपीआई(एमएल)-लिबरेशन, आरएसपी और एएआईएफबी ने भी 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विरोध कार्यक्रमों का एलान किया है।
यह विवाद चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची से जुड़े कई फैसलों और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए थे। मामला इंडियन एक्सप्रेस की दो दिन पहले आने वाली रिपोर्ट के बाद तेज़ी तूल पकड़ा। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों में एसआइआर के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक,एसआइआर के दौरान देशभर में 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से हटाए जाने की बात कही गई है।
इसी रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार का नाम उन लोगों की सूची में सबसे ऊपर है, जिन्हें वह साजिशकर्ता मानते हैं। राहुल गांधी ने पूरे मामले को ‘वोट चोरी’ से जोड़ा और कहा कि उनके पास इस संबंध में और भी जानकारी है, जिसके नतीजे जल्द सामने आएंगे।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने भी विवाद में शामिल होकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो सीजेपी देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। सीजेपी ने इसके साथ ‘जंतर-मंतर 2.0’ समेत देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक पार्टी पीछे नहीं हटेगी।