ऐतिहासिक शहरों के बीचों-बीच निर्माण कार्य के दौरान अक्सर पुरानी ज़िंदगी के निशान मिलते हैं, लेकिन पुरातत्वविदों को कभी-कभार ही ऐसी चीज़ें मिलती हैं जिनसे मध्ययुगीन समुदायों की निजी मान्यताओं के बारे में पता चलता है।
बर्लिन का सबसे पुराना चौक बीते सात-आठ वर्षों से चर्चा का केंद्र है। हाल ही में यहाँ के 1.6 एकड़ के इस बड़े खुदाई वाले इलाके में काम कर रही टीम को चौदहवीं सदी के मध्य की महिलाओं की 188 मिट्टी की मूर्तियाँ मिलीं, जिनमें से हर एक सिर्फ़ तीन इंच ऊँची थी।
बर्लिन हेरिटेज अथॉरिटी के पुरातत्वविद् एबरहार्ड वोल्कर इसे बेमिसाल बताते हुए कहते हैं, “इतनी बड़ी संख्या में मूर्तियाँ न सिर्फ़ जर्मन भाषी दुनिया में, बल्कि लगभग पूरे यूरोप में बेमिसाल हैं।” इनका बेमिसाल होने का कारण है यह जगह, जिससे किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है।
रिपोर्ट से पता चलता है कि हर मूर्ति के बीच में एक खाली जगह थी जिसमें हड्डी के टुकड़े थे, इस बारे में शोधकर्ताओं का मानना है कि ये चीज़ें सम्मानित ईसाइयों की हड्डियों को रखने के लिए पवित्र डिब्बों (reliquaries) का काम करती थीं। वोल्कर कहते हैं, “इन्हें लोगों की बढ़ती धार्मिक आस्था के सबूत के तौर पर देखा जा सकता है।”
पुरातत्वविदों को इन पवित्र डिब्बों के साथ पंद्रहवीं सदी के मध्य की सेंट कैथरीन की चार इंच ऊँची सफ़ेद मिट्टी की मूर्ति भी मिली। वोल्कर कहते हैं, “मध्य युग के आखिर में, सेंट कैथरीन मुश्किल समय में मदद करने वाली और संरक्षक संत के तौर पर बहुत लोकप्रिय थीं।” संत के हाथ में तलवार और पहिया है, जो शहादत की निशानियाँ हैं, और उनके सिर पर काँटों वाला ताज है।
टीम को बिना सिर वाली 3.4 इंच ऊँची सफ़ेद मिट्टी की एक मूर्ति भी मिली, जिसमें मैडोना शिशु जीसस को सेब दे रही हैं। वोल्कर कहते हैं, “संतों की ये दोनों मूर्तियाँ बहुत ही दुर्लभ खोज हैं, जिनसे मध्य युग के आखिर में लोगों की धार्मिक आस्था के बारे में थोड़ी जानकारी मिलती है।”
बताते चलें कि बर्लिन के सबसे पुराने चौक को मोल्केनमार्केट या व्हे मार्केट के नाम से जाना जाता ह। इस जगह पर पुरातत्वविद् 2019 से खुदाई कर रहे हैं। इस टीम को अब तक 600,000 से ज़्यादा चीज़ें मिली हैं, जिनमें सिक्के, गहने और जूते से लेकर सत्रहवीं सदी की समुराई तलवार तक शामिल हैं।
ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण के लिए बर्लिन राज्य कार्यालय के अनुसार, मिली चीज़ों में बहुत अच्छी हालत में सुरक्षित संतों की मूर्तियाँ, मैडोना की एक क्षतिग्रस्त मूर्ति और सिरेमिक की मूर्तियों का एक असाधारण संग्रह शामिल है, जिनमें इंसानी हड्डियों के टुकड़े भी मिले हैं। ये सभी चीज़ें मिलकर उन धार्मिक रीति-रिवाजों के नए सबूत देती हैं जो कभी मध्ययुगीन बर्लिन में रोज़मर्रा की शहरी ज़िंदगी का हिस्सा हुआ करते थे।