टाइटैनिक के मुसाफिर की 114 साल पुरानी चिट्ठी सामने आई

दुनिया भर में मशहूर लाइनर टाइटैनिक पर एक पैसेंजर का 114 साल पुरानी चिट्ठी सामने आई है। यह चिट्ठी हादसे से पहले लिखी गई थी। इस चिट्ठी के ज़रिए यात्रा के शुरुआती अनुभव बताए गए हैं।

यह लेटर कर्नल आर्चीबाल्ड ग्रेसी ने अप्रैल 1912 में टाइटैनिक पर रहते हुए लिखा था।ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, यह खास पात्र यूके में नीलामी के लिए रखा गया है, जहाँ इसके 47,000 डॉलर से ज़्यादा में बिकने की उम्मीद है।

कर्नल आर्चीबाल्ड ग्रेसी टाइटैनिक हादसे में ज़िंदा बचे लोगों में से थे। उन्होंने यह लेटर तब पोस्ट किया था जब जहाज़ क्वीन्सटाउन, आयरलैंड (अब कोभ) में रुका था, उस दुखद हादसे से ठीक 4 दिन पहले जब टाइटैनिक नॉर्थ अटलांटिक में एक आइसबर्ग से टकराकर डूब गया था।

ब्रिटिश नीलामी घर ‘हेनरी एल्ड्रिज एंड सन’ की लिस्टिंग के अनुसार, यह पत्र हेनरी हॉजेस नाम के एक यात्री ने 10 अप्रैल, 1912 को लिखा था, यानी उसी दिन जब RMS टाइटैनिक ने अपनी यात्रा शुरू की थी। पत्र में, वह अपने दोस्त हेक्टर को बताते हैं कि जहाज़ पर उनका समय कितना शानदार बीत रहा है। वे लिखते हैं, “अब तक तो जहाज़ की हलचल का कुछ पता नहीं चला है, लेकिन मौसम बहुत अच्छा है।”

कर्नल ग्रेसी ने इस पत्र में जहाज़ की तारीफ़ करते हुए लिखा था कि यह एक शानदार जहाज़ है, लेकिन वह इस बारे में आखिरी राय यात्रा पूरी होने के बाद ही देंगे। पत्र में उन्होंने अपने दोस्त को धन्यवाद दिया, सफ़र के सुहावने मौसम का ज़िक्र किया, और यह भी बताया कि जहाज़ पर यात्री अलग-अलग कामों में व्यस्त थे।

हॉजेस बताते हैं, “ऊपरी डेक पर लगभग 200 लड़के (20 साल और उससे ज़्यादा उम्र के) मार्च करते हुए गा रहे हैं, दूसरे लोग सैलून में डोमिनोज़ और ताश खेल रहे हैं, कुछ पढ़ रहे हैं, कुछ लिख रहे हैं; समुद्र में जो नज़ारा देखने की उम्मीद होती है, उससे यह सब काफ़ी अलग है।” हॉजेस की मौत तब हो गई थी जब जहाज़ डूब गया था।

कर्नल आर्चीबाल्ड ग्रेसी टाइटैनिक हादसे में ज़िंदा बचे लोगों में से थे। वह डूबने के दौरान एक पलटी हुई फोल्डिंग लाइफ़बोट पर चढ़ने में कामयाब रहे और बाद में उन्हें बचा लिया गया। हादसे के बाद उनकी सेहत पूरी तरह ठीक नहीं हुई और उसी साल, बाद में हादसे से जुड़ी दिक्कतों की वजह से उनकी मौत हो गई।

अपनी मौत से पहले, उन्होंने टाइटैनिक हादसे के बारे में भी विस्तार से लिखा था, जिसे आज भी इस हादसे के सबसे ज़रूरी ऐतिहासिक रिकॉर्ड में से एक माना जाता है। जब टाइटैनिक ने बेलफ़ास्ट, उत्तरी आयरलैंड से अपनी पहली यात्रा शुरू की, तो वह सेवा में मौजूद सबसे बड़ा यात्री जहाज़ था और उसे “कभी न डूबने वाला” माना जाता था।

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