भारत में विटामिन डी की कमी आम है। जो लोग इसका सप्लिमेंटलेटे हैं उन्हें भी यह नहीं पता कि इसे लिए जाने का सही समय क्या है। इस डोज़ का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा कैसे उठाया जाए? यह एक ज़रूरी बात है। अकसर लोग इसे सुबह खाकर काम पर निकलना पसंद करते हैं। मगर एक्सपर्ट मानते हैं कि इसे लेने का सबसे अच्छा समय इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पेट में क्या है, न कि सिर्फ़ घड़ी के समय पर।
अगर आपको लग सकता है कि भारत जैसे धूप वाले देश में विटामिन डी की कोई कमी नहीं होगी तो ऐसा नहीं है, क्यूंकि रिसर्च कुछ और ही बताती है। अगर आप सुबह उठते ही खाली पेट विटामिन डी की गोली लेते हैं और फिर जल्दी-जल्दी घर से निकल जाते हैं, तो हो सकता है कि आप उस डोज़ का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद कर रहे हों।
वन एमजी डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पूरे भारत में हुई स्टडीज़ से पता चलता है कि विटामिन डी की कमी की दर 50% से लेकर 90% तक है, जो इलाके और आबादी पर निर्भर करती है।
शहर की ज़िंदगी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है, क्योंकि ज़्यादा समय घर के अंदर बिताने का मतलब है कि त्वचा को धूप कम मिलती है।
सांवली त्वचा, सनस्क्रीन का इस्तेमाल और बाहर निकलते समय शरीर को ढंककर रखने से त्वचा द्वारा विटामिन डी बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
भारत में आम शाकाहारी डाइट में फैटी मछली जैसे विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ स्वाभाविक रूप से कम होते हैं।
ऐसे में विटामिन डी के अवशोषण के लिए सही समय क्यों ज़रूरी है
विटामिन डी फैट में घुलनशील (fat-soluble) विटामिन है। इसका मतलब है कि आपका शरीर इसे तब सबसे अच्छी तरह अवशोषित करता है जब इसे आंत की दीवार से गुज़ारने के लिए खाने में फैट मौजूद हो।
हालाँकि, ठीक इसी वजह से बहुत से लोगों को अपने सप्लीमेंट का पूरा फ़ायदा नहीं मिल पाता है। खाली पेट या बिना फैट वाले स्नैक के साथ इसे लेने से शरीर द्वारा अवशोषित की जाने वाली मात्रा काफ़ी कम हो सकती है।
विटामिन डी लेने के सबसे अच्छे समय के पीछे यही असली बात है। यह सूर्योदय बनाम सूर्यास्त के बारे में कम और भोजन बनाम बिना भोजन के बारे में ज़्यादा है।
कितना विटामिन डी ज़रूरी है
हालाँकि इसका सही जवाब यह है कि अपने डायटीशियन या चिकित्सक से परामर्श ले और वह आपके वज़न उम्र तथा क्लीनिकल टेस्ट के आधार पर संतुलित डोज़ बताएगा। इसके अलावा रोज़ाना की ज़रूरत मुख्य रूप से आपकी उम्र पर निर्भर करती है। औसत दैनिक अनुशंसित मात्रा नीचे माइक्रोग्राम (mcg) और इंटरनेशनल यूनिट्स (IU) में दी गई है-
जन्म से 12 महीने: 10 mcg (400 IU)
1–13 साल के बच्चे: 15 mcg (600 IU)
14–18 साल के टीनएजर्स: 15 mcg (600 IU)
19–70 साल के वयस्क: 15 mcg (600 IU)
71 साल और उससे ज़्यादा उम्र के वयस्क: 20 mcg (800 IU)
प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली टीनएजर्स और महिलाएं: 15 mcg (600 IU)
हालांकि, ये लेने के सामान्य सुझाव हैं, इलाज के लिए तय डोज़ नहीं। अगर आपको किसी कमी का पता चलता है, तो डॉक्टर कुछ समय के लिए ज़्यादा डोज़ लेने की सलाह दे सकते हैं।
विटामिन डी लेने का सबसे अच्छा समय
अगर आप सोच रहे हैं कि सुबह या रात में से कौन सा समय बेहतर है, तो इसका सही जवाब यह है: वैज्ञानिक तौर पर किसी एक को दूसरे से बेहतर नहीं माना गया है। असल बात यह है कि आप इसे खाने के साथ ले रहे हैं या नहीं।
उदाहरण के लिए, कुछ लोग सुबह लेना पसंद करते हैं क्योंकि नाश्ते के साथ इसे याद रखना आसान होता है। दूसरे लोग इसे रात के खाने के साथ लेना पसंद करते हैं, क्योंकि रात का खाना अक्सर ज़्यादा और फैट वाला होता है।
इसके उलट, अगर आप सप्लीमेंट सिर्फ़ ब्लैक कॉफ़ी के साथ या जल्दबाज़ी में खाली पेट लेते हैं, तो आपका शरीर इसे कम मात्रा में ही सोख पाता है, चाहे समय कोई भी हो।
एक आसान तरीका यह है कि अपनी विटामिन डी की बोतल नाश्ते की मेज़ पर रखें ताकि आप दवा लेना न भूलें।
रिसर्च क्या कहती है
17 वयस्कों पर की गई एक जानी-मानी स्टडी में पाया गया कि खाली पेट लेने की तुलना में, दिन के सबसे बड़े खाने के साथ विटामिन डी लेने से 2-3 महीनों में ब्लड लेवल में लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई।
इसके अलावा, 50 बुज़ुर्ग वयस्कों पर की गई एक अलग स्टडी में पाया गया कि कम फैट वाले खाने की तुलना में, ज़्यादा फैट वाले खाने के साथ विटामिन डी लेने से 12 घंटों के बाद ब्लड लेवल में 32% की बढ़ोतरी हुई।
इस मामले में सिर्फ़ विटामिन डी ही नहीं है। विटामिन ए, ड, ई और के सभी फैट में घुलने वाले होते हैं, इसलिए आपका शरीर इन्हें तब सबसे अच्छी तरह सोखता है जब इन्हें फैट वाले खाने के साथ लिया जाए। आपको बहुत ज़्यादा मात्रा की ज़रूरत नहीं है; हेल्दी फैट की थोड़ी सी मात्रा, जैसे एवोकाडो, नट्स, अंडे या ऑलिव ऑयल भी काम आ सकती है। दिन के किस समय इन्हें लिया जाए, इससे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि इन्हें लगातार खाने के साथ लिया जाए।
विटामिन D को शरीर में अच्छी तरह सोखने के लिए क्या करें
तो, फैट वाला अच्छा खाना क्या होता है? इसके लिए आपको किसी खास चीज़ की ज़रूरत नहीं है।
अंडे और एवोकाडो टोस्ट
पूरे फैट वाला दही या दूध
नट्स और बीज
ऑलिव ऑयल से बनी डिशेज़
घी में बनी दाल या सब्ज़ियाँ
इसके अलावा, अगर आप शाकाहारी हैं, तो इसके लिए आपको मीट की ज़रूरत नहीं है। घी, नट्स या डेयरी वाली चीज़ों के साथ साधारण नाश्ता भी उतना ही अच्छा काम करता है।