वैज्ञानिकों ने दुनिया के इस सबसे बड़े बिच्छू ‘प्रिएक्टुरस गिगास’ की पुष्टि की है। एक स्टडी से पता चला है कि दुनिया का सबसे बड़ा बिच्छू लगभग 415 मिलियन साल पहले ब्रिटेन में मिला था। इसकी लंबाई 3.3 फीट और डंक 6 इंच लंबे थे।
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक, प्रोएक्टरस गिगास नाम का यह बिच्छू लगभग एक मीटर लंबा था, जबकि इसके पंजे लगभग 16 सेंटीमीटर लंबे थे। रिसर्चर्स का कहना है कि यह बिच्छू बाढ़ वाले मैदानों में रहता था, जब धरती पर जीवन अभी शुरुआती दौर में था और छोटे कीड़ों का दबदबा था।
पहली बार 1870 के दशक में प्रिएक्टुरस गिगास के अवशेष इंग्लैंड और वेल्स में मिले थे। लेकिन पेलियोन्टोलॉजिस्ट्स लंबे समय तक इस जीव की असली पहचान को लेकर कन्फ्यूज थे। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के पेलियोन्टोलॉजिस्ट रसेल गारवुड के मुताबिक़, ‘प्रिएक्टुरस ने एक सदी से अधिक समय तक हम पेलियोन्टोलॉजिस्ट्स को हैरान किया है।’
शुरुआती डेवोनियन काल का एक खूंखार एपेक्स प्रीडेटर बेहद खतरनाक था। यह मुख्य रूप से उन इलाकों में शिकार करता था जहां आज ब्रिटेन स्थित है। एक खूंखार शिकारी के रूप में यह बिच्छू जमीन और पानी दोनों जगह शिकार करने में माहिर था। ध्यान रहे कि यह खोज उस दौर की है जब धरती पर अन्य जीव बहुत छोटे थे।
रिसर्चर्स के मुताबिक, यह नई खोज जंगलों जैसे मुश्किल ज़मीनी इकोसिस्टम के बनने से बहुत पहले कीड़ों के विकास के इतिहास में नए पहलू और तथ्य पेश करती है। यह खोज इसलिए भी अहम है क्योंकि इसने पेलियोन्टोलॉजी के एक सदी पुराने रहस्य को सुलझा दिया है। इससे यह भी पता चलता है कि आर्थ्रोपोड्स ने इतने विशाल आकार में कैसे इवोल्यूशन किया।