जानी-मानी सिंगर सुमन कल्याणपुर का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन उम्र से जुड़ी बीमारियों की वजह से रविवार शाम को मुंबई में अपने घर पर हुआ। उनके निधन पर इंडस्टी और अन्य खेत्रों के अलावा कई दिग्गज हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
सुमन कल्याणपुर 1960 और 1970 के दशक में अपनी सुरीली आवाज़ के लिए बहुत पॉपुलर हुईं। उन्होंने हिंदी, मराठी, असमिया, कन्नड़, बंगाली और उड़िया समेत कई भाषाओं में गाने गाए, साथ ही भजन, ग़ज़ल और ठुमरी भी गाईं।
सुमन कल्याणपुर का जन्म 28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत के ढाका में हुआ था।मुंबई के सेंट कोलंबस स्कूल से स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने चित्रकला की पढ़ाई की और सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला लिया।
इस बीच संगीत से ऐसा लगाव हुआ कि जल्द ही यह सजौक़ जुनून बन गया। उन्होंने पंडित केशवराव भोले, उस्ताद खान अब्दुल रहमान खान और उस्ताद नवरंग जैसे प्रख्यात गुरुओं से ट्रेनिंग ली, जिसने उनके करियर की नींव रखी। सुमन ने 1958 में बिजनेसमैन रामानंद कल्याणपुर से शादी की। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू अग्नि हैं।
सिनेमा में उनकी यात्रा ‘शुक्रची चांदनी’ और ‘मंगू’ (1954) जैसी फिल्मों से शुरू हुई थी।उनके मशहूर गानों में ‘ना ना करते प्यार तुम्ही से कर बैठे’, ‘तुम ने पुकारा और हम चले आए’ और ‘आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ शामिल हैं। उन्होंने कई सदाबहार गानों को अपनी आवाज दी। मोहम्मद रफी के साथ उनके गाए गानों को काफी लोकप्रियता मिली।
सुमन कल्याणपुर की करीबी दोस्त और बायोग्राफर मंगला के मुताबिक, इस दुनिया से जाने से पहले वह पिछले कुछ दिनों से अपने ही गाने सुन रही थीं।